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Basant Panchami 2022: छात्र करें इस शुभ योग में मां सरस्वती की पूजा, मिलेगा विशेष फल

Mon, 31 Jan 2022 06:40 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली

सार

Basant Panchami 2022: बसंत पंचमी के दिन ही बुद्धि, ज्ञान और विवेक की जननी माता सरस्वती प्रकट हुई थीं, इस कारण से हर वर्ष उत्साह के साथ देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। बसंत पंचमी के दिन मां की पूजा विशेष फल देने वाली मानी गई है।
 
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Basant Panchami 2022: बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा विशेष फल देने वाली मानी गई है। - फोटो : istock
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विस्तार
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Basant Panchami 2022: माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व पूरे हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। इस तिथि पर देवी सरस्वती की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि बंसत पंचमी तिथि पर मां सरस्वती की पूजा करने से वे जल्दी प्रसन्न होती है। बसंत पंचमी के त्योहार को  सरस्वती पूजा, वागीश्वरी जयंती, बसंत उत्सव आदि कई नामों के साथ मनाया जाता है। इस बार यह उत्सव 5 फरवरी, शनिवार को मनाया जाएगा।  मान्यता है बसंत पंचमी के दिन ही बुद्धि, ज्ञान और विवेक की जननी माता सरस्वती प्रकट हुई थीं, इस कारण से हर वर्ष उत्साह के साथ देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा विशेष फल देने वाली मानी गई है। आइए जानते हैं कि किन शुभ योग में सरस्वती मां की आराधना करने से शुभ फल प्रदान होगा। 

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ब्रह्मांड में कार्य और ज्ञान के बीच संतुलन बनाने के लिए माता सरस्वती का उद्भव हुआ।
बसंत पंचमी से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं 
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार ब्रह्मांड में कार्य और ज्ञान के बीच संतुलन बनाने के लिए माता सरस्वती का उद्भव हुआ। एक अन्य कथा के अनुसार ब्रह्माजी की मूक रचना बिना आवाज के उदास हो गई थी। ऐसे में बसंत पंचमी के दिन ब्रह्माजी ने देवी वागेश्वरी के दर्शन किए और देवी ने अपनी वीणा के स्वर से सृष्टि को मधुर वाणी से परिपूर्ण कर दिया।

बसंत पंचमी पर हो रहा है दो शुभ योग का निर्माण 
बसंत पंचमी पर हो रहा है दो शुभ योग का निर्माण 
बसंत पंचमी के दिन बहुत से शुभ योग का निर्माण हो रहा है। बसंत पंचमी के दिन पहला योग सिद्ध नाम शुभ योग है जो देवी सरस्वती के उपासकों को सिद्धि और मनोवांछित फल देता है। इसके साथ ही सरस्वती पूजा के दिन रवि नामक योग भी बन रहा है, जो सभी अशुभ योगों के प्रभाव को दूर करने वाला माना जाता है।  यह दोनों योग विद्यार्थियों और विद्वानों के लिए फलदायी सिद्ध होगा। 
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बसंत पंचमी के दिन सिद्ध या रवि शुभ योगों में विद्यार्थी यदि पूरे मन से मां सरस्वती की पूजा करें तो उन्हें मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होगी - फोटो : SELF
इन शुभ योग में छात्र करें सरस्वती पूजा
बसंत पंचमी के दिन सिद्ध या रवि शुभ योगों में विद्यार्थी यदि पूरे मन से मां सरस्वती की पूजा करें तो उन्हें मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होगी। छात्र प्रातः 07: 07 मिनट से लेकर दोपहर 12: 35 मिनट के बीच  देवी सरस्वती कीआराधना कर सकते हैं। इस शुभ योग में संतान की शिक्षा शुरू करना भी शुभ रहेगा। 


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