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Basant Panchami 2021: माघ शुक्ल पंचमी के दिन क्यों मनायी जाती है बसंत पंचमी, जानें कारण

Thu, 11 Feb 2021 07:03 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बसंत पंचमी 2021 - फोटो : अमर उजाला
बसंत पंचमी का पर्व 16 फरवरी को है। यह पर्व प्रति वर्ष माघ माह में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन घरों में, मंदिरों में और विद्यालयों में मां सरस्वती की विधि विधान के साथ पूजा की जाती है। बसंत पंचमी का पर्व क्यों मनाया जाता है? इसके पीछे की पौराणिक मान्यता क्या है और इसमें होने वाली सरस्वती पूजा की विधि क्या है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से- 
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बसंत पंचमी 2021 - फोटो : अमर उजाला
मां सरस्वती को समर्पित है यह पर्व
बसंत पंचमी का पावन पर्व मां सरस्वती को समर्पित है। माता सरस्वती को बुद्धि और विद्या की देवी माना जाता है। इसके साथ ही यह ऋतु परिवर्तन का भी संकेत है। दरअसल यह पर्व बसंत ऋतु में पड़ता है। इस ऋतु में मौसम काफी सुहावना हो जाता है। इस दौरान न तो ज्यादा ही गर्मी होती है और न ही ज्यादा ठंड होती है और यही वजह है कि बसंत ऋतु को ऋतुओं का राजा कहा जाता है। 
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बसंत पंचमी 2021 - फोटो : अमर उजाला
जानिए क्यों मनाई जाती है बसंत पंचमी
हिंदू पौराणिक कथाओं में प्रचलित एक कथा के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने संसार की रचना की। उन्होंने पेड़-पौधे, जीव-जन्तु और मनुष्य बनाए, लेकिन उन्हें लगा कि उनकी रचना में कुछ कमी रह गई। इसीलिए ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से जल छिड़का, जिससे चार हाथों वाली एक सुंदर स्त्री प्रकट हुई। उस स्त्री के एक हाथ में वीणा, दूसरे में पुस्तक, तीसरे में माला और चौथा हाथ वर मुद्रा में था। ब्रह्मा जी ने इस सुंदर देवी से वीणा बजाने को कहा। जैसे वीणा बजी ब्रह्मा जी की बनाई हर चीज़ में स्वर आ गया। तभी ब्रह्मा जी ने उस देवी को वाणी की देवी सरस्वती नाम दिया। वह दिन बसंत पंचमी का था। इसी वजह से हर साल बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती का जन्मदिन मनाया जाने लगा और उनकी पूजा की जाने लगी।

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बसंत पंचमी 2021 - फोटो : अमर उजाला
बसंत पंचमी है शुभ दिन
ज्योतिष के मुताबिक बसंत पंचमी का दिन अबूझ मुहर्त के तौर पर जाना जाता है और यही कारण है कि नए काम की शुरुआत के लिए सबसे अच्छा दिन माना जाता है। वसंत पंचमी के दिन पीले रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करना भी शुभ होता है। इतना ही नहीं, इस दिन पीले पकवान बनाना भी काफी अच्छा माना जाता है। 
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बसंत पंचमी 2021 - फोटो : अमर उजाला
कैसे करें मां सरस्वती की पूजा
शिक्षण संस्थानों में मां सरस्वती की पूजा के साथ-साथ घरों में भी यह पूजा की जाती है। अगर आप घर में मां सरस्वती की पूजा कर रहे हैं तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें। सुबह-सुबह नहाकर मां सरस्वती को पीले फूल अर्पित करें। इसके बाद पूजा के समय मां सरस्वती की वंदना करें। पूजा स्थान पर वाद्य यंत्र और किताबें रखें और बच्चों को भी पूजा स्थल पर बैठाएं। बच्चों को तोहफे में पुस्तक दें। इस दिन पीले चावल या पीले रंग का भोजन करें। 
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बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का मुहूर्त - फोटो : amarujala
बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का मुहूर्त
बसंत पंचमी के दिन आपको माता सरस्वती की पूजा के लिए कुल 05 घंटे 37 मिनट का समय मिलेगा। आपको इसके मध्य ही सरस्वती पूजा करनी चाहिए। 16 फरवरी को सुबह 06 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट के बीच सरस्वती पूजा का मुहूर्त बन रहा है।
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