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Ashadh Gupt Navratri 2023: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि आरंभ, जानें इसका अर्थ और महत्व

Tue, 20 Jun 2023 11:35 AM IST
श्वेता सिंह आचार्य मानस शर्मा, नई दिल्ली

सार

एक वर्ष में चार नवरात्रि आती हैं। इनमें से चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के बारे में ही ज्यादातर लोगों को जानकारी होती है, लेकिन इन दोनों के अलावा माघ और आषाढ़ में भी दो नवरात्रि पड़ती हैं, जिन्हें गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। इस बार आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि 19 जून 2023 से शुरू हो रही है।
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Ashadh Gupt Navratri 2023 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Ashadh Gupt Navratri 2023: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि इस बार 19 जून से आरंभ हो चुके हैं और 27 जून को समाप्त हो रहे है। ऐसे में इस बार आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 9 दिनों की होगी। इस दौरान 25 जून को सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है जबकि पूरे गुप्त नवरात्रि के दौरान 4 रवि योग का संयोग बना है जो बेहद दुर्लभ है। इस नवरात्रि में 20 जून, 22 जून, 24 और 27 जून को रवियोग लग रहा है।
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Ashadh Gupt Navratri 2023 - फोटो : amar ujala
गुप्त नवरात्रि क्या है?
हिन्दू माह के अनुसार नवरात्रि वर्ष में 4 पवित्र माह में आती है। यह चार माह है- माघ, चैत्र, आषाढ़ और अश्विन। चैत्र माह की नवरात्रि को बसंत नवरात्रि और अश्विन माह की नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि कहते हैं। दोनों के बीच 6 माह की दूरी है। बाकी बची दो आषाढ़ और माघ माह की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहते हैं।

Ashadh Gupt Navratri 2023
गुप्त विद्याओं की साधन 
गुप्त अर्थात छिपा हुआ। इस नवरात्रि में गुप्त विद्याओं की सिद्धि हेतु साधना की जाती है। गुप्त नवरात्रि में तंत्र साधनाओं का महत्व होता है और तंत्र साधना को गुप्त रूप से ही किया जाता है। इसीलिए इसे गुप्त नवरात्रि कहते हैं। इसमें विशेष कामनाओं की सिद्धि की जाती है। साधकों को इसका ज्ञान होने के कारण या इसके छिपे हुए होने के कारण इसको गुप्त नवरात्रि कहते हैं।

Ashadh Gupt Navratri 2023 - फोटो : istock
गुप्त नवरात्रि का महत्व 
गुप्त नवरात्र की आराधना का विशेष महत्व है और साधकों के लिए यह विशेष फलदायक है। सामान्य नवरात्रि में आमतौर पर सात्विक और तांत्रिक पूजा दोनों की जाती है, वहीं गुप्त नवरात्रि में ज्यादातर तांत्रिक पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्रि में आमतौर पर ज्यादा प्रचार प्रसार नहीं किया जाता, अपनी साधना को गोपनीय रखा जाता है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में पूजा और मनोकामना जितनी ज्यादा गोपनीय होगी, सफलता उतनी ही ज्यादा मिलेगी। चैत्र और शारदीय नवरात्र की तुलना में गुप्त नवरात्रि में देवी की साधाना ज्यादा कठिन होती है। इस दौरान मां दुर्गा की आराधना गुप्त रूप से की जाती है इसलिए इन्हें गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। इस नवरात्रि में मानसिक पूजा का महत्व है। वाचन गुप्त होता है, लेकिन सतर्कता भी आवश्यक है। ऐसा कोई नियम नहीं है कि गुप्त नवरात्रि केवल तांत्रिक विद्या के लिए ही होते हैं। इनको कोई भी कर सकता है लेकिन थोड़ा ध्यान रखना आवश्यक है। 
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Ashadh Gupt Navratri 2023 - फोटो : iStock
क्यों मनाई जाती है?
वसंत और शारदीय नवरात्रि गृहस्थों और सामान्य जनों के लिए है परंतु गुप्त नवरात्रि संतों और साधकों को लिए है। यह साधना की नवरात्रि है उत्सव की नहीं। इसलिए इसमें खास तरह की पूजा और साधना का महत्व होता है। यह नवरात्रि विशेष कामना हेतु तंत्र-मंत्र की सिद्धि के लिए होती है। गुप्त नवरात्रि में विशेष पूजा से कई प्रकार के दुखों से मुक्ति पाई जा सकती है। अघोर तांत्रिक लोग गुप्त नवरात्रि में महाविद्याओं को सिद्ध करने के लिए उपासना करते हैं। यह नवरात्रि मोक्ष की कामना से भी की जाती है।
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