भगवान विष्णु को एकादशी तिथि प्रिय होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के पावन दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। हर माह में दो बार एकादशी तिथि पड़ती है। एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में। आइए, जानते हैं ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली अपरा एकादशी कब है?
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apara ekadashi 2020
- फोटो : file photo
कब है अपरा एकादशी
18 मई, सोमवार।
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अपरा एकादशी पूजा-विधि
अपरा एकादशी के दिन सुबह स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
देवताओं को स्नान कराएं।
एकादशी के दिन भगवान विष्णु भगवान की पूजा का विधान है, इस दिन विष्णु भगवान की पूजा करें।
अपरा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की आरती करें।
अगर संभव हो तो इस दिन व्रत रखें। एकादशी का व्रत रखने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और मृत्यु के बाद बैकुंठ धाम में स्थान मिलता है।
पूजा के बाद भगवान विष्णु को भोग अवश्य लगाएं। अपनी इच्छा के अनुसार भगवान विष्णु को भोग लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक आहार का भोग लगाया जाता है। भगवान के भोग में कुछ मीठा भी शामिल करें।
भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का उपयोग करना न भूलें।
भगवान को भोग लगाने के बाद उसका एक हिस्सा गाय को खिला दें और बाकी को प्रसाद के तौर पर सभी परिवार वालों को खिला दें।
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एकादशी के दिन दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दान करने का बहुत अधिक महत्व बताया गया है। अपरा एकादशी के दिन अपनी क्षमता के अनुसार दान अवश्य करना चाहिए। इस दिन किए हुए दान का कई गुना फल मिलता है।