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कब है अनंत चतुर्दशी, जानिए सही तिथि, पूजा विधि और गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त

Wed, 23 Sep 2026 06:38 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी के पर्व का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन शुभ मुहूर्त में भगवान विष्णु की पूजा होती है और 10 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव का समापन होता है। 
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Anant Chaturdashi 2026 - फोटो : अमर उजाला AI
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विस्तार
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हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान के साथ पूजा और अनंत सूत्र बांधा जाता है। अनंत चतुर्दशी के दिन के साथ ही 10 दिनों तक चलने वाला गणेश उत्सव का समापन हो जाता है। इस वर्ष अनंत चतुर्दशी तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में आइए जानत हैं क्या है अनंत चतुर्दशी की सही तिथि, गणेश विसर्जन का मुहूर्त, पूजा विधि। 
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अनंत चतुर्दशी 2026 तिथि
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 24 सितंबर को रात 11 बजकर 18 मिनट से आरंभ होती है जो 25 सितंबर की रात 11 बजकर 06 मिनट पर खत्म हो जाएगी। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर अनंत चतुर्दशी का व्रत 25 सितंबर को रखा जाएगा। 

अनंत चतुर्दशी 2026 पूजा शुभ मुहूर्त 
हिंदू पंचांग के अनुसार अनंत चतुर्दशी के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त 25 सितंबर को सुबह 06 बजकर 11 मिनट से लेकर रात 11 बजकर 06 मिनट तक रहेगा। ब्रह्रा मुहूर्त के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 4 बजकर 35 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त पर पूजा शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 48 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 13 मिनट से लेकर 3 बजकर 01 मिनट तक रहेगा। वहीं गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 14 मिनट से लेकर 6 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। 

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अनंत चतुर्दशी पूजा विधि
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अनंत चतुर्दशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और फिर साफ-सुथरे कपड़े पहनें। फिर इसके बाद भगवान विष्णु जी की पूजा और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान विष्णु के मूर्ति या तस्वीर को स्थापित करें। इसके बाद पंचामृत, गंगाजल से स्न्नान करें और आभूषण अर्ति करें। फिर पीला चंदन, अक्षत, फल-फूल, तुलसी दल और भोग अर्पित करें। इसके बाद 14 गांठ सूती या फिर रेशम के धागे से अनंतसूत्र बांधे। इसके बाद घी का दीपक, धूप जलाकर भगवान विष्णु मंत्र, विष्णु चालीसा और व्रत का पाठ करते हुए आरती उतारें। भगवान विष्णु को अर्पित किए अनंत धागा को हाथ में बांधे। 

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गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त 
25 सितंबर को गणेशोत्सव के आखिरी दिन यानी अनंत चतुर्दशी पर गणपति बप्पा की विदाई होगी। गणपति की विदाई का मुहूर्त इस प्रकार होगा।

सुबह का मुहूर्त- सुबह 06 बजकर 11 मिनट से लेकर 10 बजकर 42 मिनट तक।
दोपहर का मुहूर्त ( शुभ)- 12 बजकर 13 मिनट से लेकर 06 बजकर 14 मिनट तक।
अपराह्र मुहूर्त (चर)- 04 बजकर 44 मिनट से शाम 06 बजकर 14 मिनट तक। 
रात्रि मुहूर्त ( लाभ)- 09 बजकर 14 मिनट से 10 बजकर 43 मिनट तक।
रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत और चर) 26 सितंबर सुबह 12 बजकर 13 मिनट से लेकर 04 बजकर 42 मिनट तक।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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