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Amla Navami 2024: अक्षय नवमी आज, इन उपायों से दूर होगी घर की दरिद्रता और वास्तु दोष

Sun, 10 Nov 2024 08:42 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Akshaya Navami 2024: यदि कोई व्यक्ति अक्षय नवमी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करता है तो उसे अनंत फल की प्राप्ति होती है। 
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अक्षय नवमी का व्रत हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Akshaya Navami 2024: हिंदू धर्म में अक्षय नवमी का विशेष महत्व है। इस दिन को आंवला नवमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं और आंवले के पेड़ के नीचे पूजा करते हैं। अक्षय नवमी का अर्थ अक्षय तृतीया के समान ही है। इस दिन आप कोई नया काम भी शुरू कर सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि यदि कोई व्यक्ति अक्षय नवमी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करता है तो उसे अनंत फल की प्राप्ति होती है। 

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अक्षय नवमी का व्रत हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है।  इस दिन को आंवला नवमी के नाम से भी जाना जाता है। इस साल अक्षय नवमी का व्रत 10 नवंबर को रखा जाएगा।  अक्षय नवमी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। आंवले के पेड़ की भी पूजा की जाती है। पुराणों के अनुसार इसी दिन सत्ययुग का प्रारम्भ हुआ था।

अक्षय नवमी के दिन धन लाभ के लिए अपनाएं ये उपाय
ज्योतिषियों के अनुसार अक्षय नवमी के दिन गुप्त दान का विशेष महत्व होता है। इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे पूजा करके  एक टोकरी में रखें और ब्राह्मणों को दान करें। अत: ब्राह्मणों को आंवले के वृक्ष के नीचे भोजन करना चाहिए। इससे आपके घर की सुख-समृद्धि बढ़ेगी और नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी। दूसरा उपाय यह है कि अक्षय नवमी के दिन घर की उत्तर या पूर्व दिशा में आंवले का पौधा लगाएं। इससे घर की वास्तु संबंधी कमियां दूर हो जाती हैं।
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आंवले के पेड़ की जड़ में सिक्का दबाएं
आंवला नवमी पर आंवले के पेड़ की जड़ में एक सिक्का दबाना भी बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और लक्ष्मी जी का वास घर में होता है।  

आंवले के वृक्ष के नीचे कथा और आरती करें
आंवला नवमी पर आंवले के वृक्ष के नीचे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कथा सुनने या पढ़ने का विशेष महत्व है। कथा सुनने से देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और व्यक्ति की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और समृद्धि का आगमन होता है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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