Akshaya Tritiya 2023: शास्त्रों में उल्लेख है कि अक्षय तृतीया सभी पापों का नाश करने वाली और सभी सुखों को प्रदान करने वाली तिथि है। इस दिन किया गया दान-पुण्य और सत्कर्म अक्षय रहता है अर्थात कभी नष्ट नहीं होता। अक्षय का अर्थ है कि 'न क्षयः इति अक्षयः'अर्थात जिसका कभी क्षय नहीं होता वही अक्षय है। इस तिथि में किए गए शुभ कार्यों का पुण्य अक्षय रहता है और इस दिन किया गया दान-पुण्य कर्म का फल कभी नष्ट नहीं होता। इस तिथि पर सभी तरह के मांगलिक और शुभ कार्य बिना पंचाग देखे किए जाते हैं। अक्षय तृतीया के दिन कुछ धार्मिक उपाय करने से आपके जीवन में सुख-शांति का वास होता है। आइए जानते ैहैं इस अक्षय तृतीया पर कौन से करें उपाय।
धन प्राप्ति के लिए
धन की प्राप्ति के लिए इस दिन अपने पूजा स्थल की सफाई करके भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की विधि-विधान पूर्वक पूजा करें। साथ ही, मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उन्हें अक्षय तृतीया के दिन उन्हें कमल या गुलाब फूल अर्पित करें,एवं खीर का भोग लगाएं। ऐसा करने से जीवन में धन एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है।
सौभाग्य में वृद्धि के लिए
इस दिन घर की सुख-समृद्धि एवं परिवार के सदस्यों के सौभाग्य में वृद्धि के लिए घर के मुख्य द्वार पर आम या अशोक के ताज़े पत्तों की बंधनवार बांधना शुभ माना गया है। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रवेश होगा।
तरक्की के लिए सोना खरीदें
धार्मिक मान्यता है कि सोने में लक्ष्मीजी का वास होता है और उत्तर दिशा लक्ष्मीजी और धन के देवता कुबेर की मानी गई है। अक्षय तृतीया के दिन स्वर्ण खरीदने से इसका क्षय कभी नहीं होता है तथा यह पीढ़ियों तक बढ़ता है। यदि आप इस दिन सोना खरीद रहे हैं तो इसे घर की उत्तर दिशा में रखें मान्यता है कि ऐसा करने से आपके तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे।
वृक्षारोपण करने से मिलता है पुण्य
शास्त्रों के अनुसार इस दिन पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लेने वाले और पीपल,आम, पाकड़,गूलर,बरगद,आंवला,बेल,जामुन,नीम व अन्य फलदार वृक्ष लगाने से प्राणी को सभी प्रकार के सुख प्राप्त होते हैं।जिस प्रकार अक्षय तृतीया को लगाए गए वृक्ष हरे-भरे होकर पल्लवित-पुष्पित होते हैं उसी प्रकार इस दिन वृक्षारोपण करने वाला व्यक्ति भी प्रगति पथ की ओर अग्रसर होकर अनंत पुण्यों का भागी हो जाता है। मान्यता है कि इस दिन पौधारोपण करने से अमोघ फल की प्राप्ति होती है। पौधे लगाकर छाया करने वाले प्राणी को सभी क्लेशों से छुटकारा मिलता है एवं उसके ऊपर सदैव ईश्वर का आशीर्वाद रहता है।
दान से दूर होंगे कष्ट
मान्यता है कि इस दिन सत्तू अवश्य खाना चाहिए। यह तिथि वसंत ऋतु के अंत और ग्रीष्म ऋतु के प्रारम्भ का दिन भी है इसलिए अक्षय तृतीया के दिन जल से भरे घड़े,कुल्हड़,सकोरे,पंखे,पादुका,चटाई,छाता,चावल,नमक,घी,ख़रबूज़ा,ककड़ी,मिश्री,सत्तू आदि गर्मी में लाभकारी वस्तुओं का दान महा पुण्यकारी माना गया है।