फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Akshaya Tritiya 2020 Date And Shubh Muhurat Timing:अक्षय तृतीया आज, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र और महत्व

Sun, 26 Apr 2020 02:51 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
Akshaya Tritiya 2020
विज्ञापन

Akshaya Tritiya 2020 Date And Shubh Muhurat Timing: अक्षय तृतीया के त्योहार को आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया को बहुत ही शुभ और पवित्र तिथि मानी गई है। यह एक ऐसी तिथि है जिसमें किसी शुभ कार्य को बिना पंचांग देखे किया जा सकता है। अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना गया है।

विज्ञापन


Akshaya Tritiya Puja 2020: क्यों है मां विंध्यवासिनी की पूजा हेतु अक्षय तृतीया का दिन सर्वोत्तम

अक्षय तृतीया 2020 Akshaya Tritiya 2020
- अक्षय तृतीया पर दान और पूजा करने से इसका फल कई गुना होने के साथ अक्षय भी रहता  है।
- अक्षय तृतीया पर इस वर्ष सूर्य, चंद्रमा और मंगल अपनी उच्च राशि में रहेंगे जबकि शुक्र और शनि स्वयं की राशि में रहने से शुभ संयोग बनेगा।
- अक्षय तृतीया पर सोने और चांदी से बने हुए आभूषण की खरीदारी को शुभ माना जाता है।
- अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु संग माता लक्ष्मी की विशेष रूप से पूजा की जाती है।
- इस दिन दान करने का महत्व काफी होता है। अक्षय तृतीया पर 14 तरह के दान करने से सभी तरह के सुख और संपन्नता की प्राप्ति होती है।

अक्षय तृतीया मुहूर्त कब से कब तक Akshaya Tritiya 2020 Shubh Muhurat Timing
साल 2020 में अक्षय तृतीया की तिथि 25 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से आरंभ हो जाएगी जो 26 अप्रैल के दिन दोपहर 1 बजकर 25 मिनट तक रहेगी। पंचांग के अनुसार 26 अप्रैल को सूर्योदय व्यापिनी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग से मनाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अक्षय तृतीया पर महालक्ष्मी पूजा मंत्र Akshaya Tritiya 2020 Puja Mantra
 'ॐ नमो भाग्य लक्ष्म्यै च विद्महे अष्ट लक्ष्म्यै च धीमहि तन्नौ लक्ष्मी प्रचोदयात्।।'

Akshaya Tritiya Puja 2020: क्यों है मां विंध्यवासिनी की पूजा हेतु अक्षय तृतीया का दिन सर्वोत्तम

अक्षय तृतीया पूजा विधि Akshaya Tritiya 2020 Puja Vidhi
अक्षय तृतीया के दिन सुबह पानी में गंगाचल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद पूजा स्थल पर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित कर उनका विधि-विधान के साथ पूजा करें। भगवान विष्णु और  माता लक्ष्मी संग पूजा करने के साथ तुलसी को दीप जलाकर उनकी भी पूजा करें। पूजा में भगवान विष्णु और महालक्ष्मी की आरती और मंत्रो का उच्चारण कर दान का संकल्प करना चाहिए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें