Ahoi Mata ki Aarti Lyrics: अहोई अष्टमी हिंदू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आती है। यह दिन अत्यधिक महत्व रखता है क्योंकि माताएं देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए विशेष अनुष्ठान, उपवास और प्रार्थना करती हैं। अहोई माता अनहोनी को टालकर संतान को दीर्घायु प्रदान करती हैं और घर में सुख समृद्धि लाती हैं। अहोई अष्टमी की कथा में इस तरह की बातें बताई गई हैं। कोई भी पूजा बिना आरती के संपन्न नहीं मानी जाती है। ऐसे में आज अहोई अष्टमी के त्योहार के मौके पर पूजा करते समय अहोई माता की आरती जरूर करनी चाहिए। यहां पढ़ें पूरी आरती।
अहोई अष्टमी 2023: तिथि और समय
तिथि: 2023 में अहोई अष्टमी रविवार, 5 नवंबर को मनाई जाएगी।
अष्टमी तिथि का समय- 05 नवंबर, दोपहर 1:00 बजे से शुरू होकर 06 नवंबर, सुबह 3:18 बजे तक
अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त- 05 नवंबर शाम 5:42 बजे से शुरू होकर 05 नवंबर शाम 7:00 बजे तक.
तारों को देखने का समय - शाम 05:58 (5 नवंबर 2023)
अहोई माता की आरती
जय अहोई माता, मइया जय अहोई माता।
तुमको निसदिन ध्यावत हर विष्णु विधाता॥ जय अहोई माता॥
ब्रह्माणी, रुद्राणी, कमला तू ही है जगमाता।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत नारद ऋषि गाता॥ जय अहोई माता॥
माता रूप निरंजन सुख-सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत नित मंगल पाता॥ जय अहोई माता॥
तू ही पाताल बसंती, तू ही है शुभदाता।
कर्म-प्रभाव प्रकाशक जगनिधि से त्राता॥जय अहोई माता॥
जिस घर तुम्हरो वासा, ताहि घर गुण आता।
कर न सके सोई कर ले, मन नहीं घबराता॥ जय अहोई माता॥
तुम बिन सुख न होवे न कोई पुत्र पाता।
खान-पान का वैभव तुम बिन नहीं आता॥ जय अहोई माता॥
शुभ गुण सुंदर युक्ता, क्षीर निधि की जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन कोई नहीं पाता॥ जय अहोई माता॥
श्री अहोई मां की आरती जो कोई जन गाता।
उर उमंग अति उपजे पाप उतर जाता॥ जय अहोई माता॥