जांच टीम दिल्ली लौटी
सिलक्यारा सुरंग हादसे की जांच करने के बाद टीम दिल्ली लौट गई है। टीम ने यहां करीब चार दिन तक जांच पड़ताल की है। अब यह टीम मंत्रालय को अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर ही सुरंग के सिलक्यारा हिस्से का काम शुरू किया जाएगा। फिर टीम को एक माह में विस्तृत रिपोर्ट देनी है।
बचाव अभियान में लगी कंपनियों के बिल का इंतजार
एनएचआईडीसीएल को सिकल्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी कंपनियों के बिल का इंतजार है। तमाम कंपनियों ने अपनी मशीनरी को यहां मंगाकर बचाव अभियान में हिस्सा लिया था। उनके बिल आने के बाद एनएचआईडीसीएल इसका पूरा खर्च नवयुगा कंपनी से वसूल करेगा।
मोदी कैबिनेट ने अभियान को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने भी ऑपरेशन सिलक्यारा को सराहा है। नवंबर में हुई बैठक के मिनट्स परिवहन मंत्रालय ने जारी किए हैं। इसमें चार पेज की एक रिपोर्ट भी रखी गई, जिसमें बताया गया कि 41 मजदूरों के फंसने, उन्हें बाहर निकालने और अंत में खोडुस (रैट माइनर्स) अभियान को अंत तक पहुंचाने का जिक्र करते हुए बचाव दलों की प्रशंसा की गई है। अभियान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, परिवहन राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह (सेनि.) की सक्रियता और निगरानी की भी तारीफ की गई। साथ ही पीएमओ के पूर्व सलाहकार भाष्कर खुल्बे, एनएचआईडीसीएल के एमडी महमूद अहमद, राज्य सरकार के सचिव डॉ. नीरज खैरवाल की सक्रियता की तारीफ भी की गई है।
ये भी पढ़ें...Corona New Variant: केरल में वैरिएंट जेएन.1 मिलने के बाद उत्तराखंड भी सतर्क, जारी की एडवाइजरी
सुरंग के सिलक्यारा सिरे से जांच के बाद ही काम शुरू होगा, लेकिन बड़कोट सिरे से कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। अभी जांच टीम की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। बचाव में लगी कंपनियों के बिल के आधार पर ऑपरेशन के खर्च का कुल बिल निर्माण कंपनी को दिया जाएगा। -अंशु मनीष खल्खो, निदेशक, एनएचआईडीसीएल