फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: दिल्ली एनसीआर से लग्जरी वाहन चुराने वाले आठ आरोपी गिरफ्तार, एक करोड़ कीमत की चोरी की छह गाड़ियां बरामद

Mon, 16 Mar 2026 07:19 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, रायबरेली

सार

गिरफ्तार किए गए आरोपी अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के सदस्य हैं। सभी यूपी-बिहार और उत्तराखंड के रहने वाले हैं। पुलिस काफी समय से उनकी तलाश कर रही थी।
विज्ञापन
बरामद किए गए वाहन। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली एनसीआर से लग्जरी वाहन चुराकर उनकी बिक्री करने वाले आठ आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के सदस्य हैं, जो यूपी-बिहार, और उत्तराखंड प्रांत के रहने वाले हैं। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने करीब एक करोड़ कीमत की चोरी की छह गाडिय़ां बरामद की हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) रवि कुमार सुबह अपने कार्यालय स्थित किरण हाल में मीडिया से रूबरू हुए और पकड़े गए गिरोह के बारे में खुलासा किया।

विज्ञापन


एसपी ने बताया कि बीते 16 फरवरी को बछरावां क्षेत्र से एक स्कार्पियो चोरी हुई थी। चोरी की प्राथमिकी दर्ज करके पुलिस वाहन चुराने वाले आरोपियों की तलाश कर रही थी। वाहन चोरी के मामले में पुलिस ने बुलंदशहर जिले के अनिल उर्फ अनीश, रिंकू उर्फ राहुल उर्फ हेडन, एटा जिले के जितेंद्र गुप्ता उर्फ जीतू, मऊ जिले के प्रदीप सिंह उर्फ पिंटू, संतकबीर नगर जिले के अरविंद, बिहार प्रांत के जमुई जिले के राकेश कुमार उर्फ छोटू, सतपुड़ा जिले के नौशाद उर्फ फईम उर्फ राजू, उत्तराखंड प्रांत के हरिद्वार जिले के रहने वाले राजू सिंह उर्फ योगेश को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से बछरावां में चोरी हुई स्कार्पियो के अलावा अन्य पांच चोरी के वाहन बरामद किए गए हैं।

इग्निशन और विंडो लॉक तोड़कर पार करते थे वाहन
एसपी के मुताबिक सभी आरोपी अंतरराज्यीय वाहन चोर गैंग के सदस्य हैं और काफी समय से इस कार्य में लिप्त हैं। खासकर यह लोग दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के ताले तोडक़र अंदर घुस जाते थे। वे इग्निशन और विंडो लॉक तोड़ देते थे। इसके बाद पहले से खरीदे गए इंजन कंट्रोल मॉड्यूल ईसीएम को गाड़ी में फिट कर देते थे और सेंसर डिवाइस हटा देते थे। चोरी की गई गाड़ियों को ये लोग पश्चिम बंगाल और बिहार में बेच देते थे। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न जनपदों में कई मामले दर्ज हैं। ये सभी उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड जैसे अलग-अलग राज्यों से संबंध रखते हैं, जो इनके अंतरराज्यीय गिरोह होने की पुष्टि करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें