ड्रोन और बारकोड से भी निगरानी
प्रशासन द्वारा यात्रा के दौरान 5 ड्रोन कैमरों के जरिए भी निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर संचालित होने वाले लगभग पांच हजार घोड़ा-खच्चरों पर बारकोड, टोकन, चिप लगाई जा रही है, जिससे उनकी आवाजाही और गतिविधियों की भी लगातार मॉनिटरिंग हो सकेगी।
ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस
केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के लिए भी इन हाईटेक कैमरों का उपयोग किया जाएगा। पुलिस इन कैमरों के माध्यम से जाम और भीड़ की स्थिति पर नजर रखते हुए तत्काल निर्णय ले सकेगी।
300 से अधिक पुलिस बल रहेगा तैनात
गौरीकुंड, सोनप्रयाग से लेकर केदारनाथ धाम तक इस बार 300 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जो सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और आपात स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद रहेंगे।
- 24 घंटे सक्रिय रहेगा आपदा कंट्रोल रूम
चारधाम यात्रा के दौरान जिला आपदा कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी रखी जाएगी। यहां 24 घंटे पांच कर्मी तैनात रहेंगे, जो किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहेंगे।
- पूरे यात्रा रूट पर चौबीसों घंटे कैमरों के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है और कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके। - आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार
300 से अधिक पुलिस बल रहेगा तैनात
गौरीकुंड, सोनप्रयाग से लेकर केदारनाथ धाम तक इस बार 300 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जो सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और आपात स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद रहेंगे।
24 घंटे सक्रिय रहेगा आपदा कंट्रोल रूम
चारधाम यात्रा के दौरान जिला आपदा कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी रखी जाएगी। यहां 24 घंटे पांच कर्मी तैनात रहेंगे, जो किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहेंगे।
- पूरे यात्रा रूट पर चौबीसों घंटे कैमरों के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है और कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके। - आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार