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Kedarnath Yatra: दो सौ सीसीटीवी कैमरों से होगी यात्रा की निगरानी, 14 एसओएस प्वाइंट सक्रिय, इन पर रहेगा फोकस

Mon, 30 Mar 2026 12:34 PM IST
Renu Saklani दीपक बिष्ट, संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग

सार

दो सौ सीसीटीवी कैमरों से इस बार केदारनाथ यात्रा की निगरानी होगी। 14 एसओएस सिस्टम से त्वरित सहारा मिलेगा।

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केदारनाथ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगामी केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए इस बार प्रशासन ने हाईटेक सुरक्षा कवच तैयार किया है। रुद्रप्रयाग से लेकर केदारनाथ धाम तक पूरे यात्रा मार्ग पर तीसरी नजर यानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर बनी रहेगी और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।

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जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा पूरे यात्रा रूट और पैदल मार्ग पर तकरीबन 200 हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से करीब 181 कैमरे रुद्रप्रयाग से केदारनाथ तक विभिन्न स्थानों पर सक्रिय हैं, जो यात्रा मार्ग, मुख्य बाजारों, संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्रों और हेलीपैड तक हर गतिविधि की निगरानी कर रहे हैं।

गौरीकुंड तक 11 स्थानों पर भी एसओएस सेंटर बनाए गए
अगर केवल गौरीकुंड से केदारनाथ तक के पैदल मार्ग की बात करें तो यहां लगभग 16 कैमरे लगाए गए हैं, जिससे इस संवेदनशील रूट पर विशेष नजर रखी जा रही है। यात्रा मार्ग पर कुल 14 एसओएस प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। इनमें से 5 एसओएस सेंटर गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच गौरीकुंड, जंगलचट्टी, भीमबली, लिनचोली और रुद्रा प्वाइंट पर स्थित हैं। इसके अलावा रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक 11 स्थानों पर भी एसओएस सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें जवाड़ी बाईपास सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।
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इन एसओएस सेंटरों की खासियत यह है कि नेटवर्क न होने की स्थिति में भी यात्री सीधे जिला मुख्यालय स्थित आपदा कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। इसके माध्यम से संबंधित व्यक्ति की रियल टाइम लोकेशन भी ट्रेस की जा सकती है, जिससे राहत और बचाव कार्य तेजी से संभव होगा।

ड्रोन और बारकोड से भी निगरानी
प्रशासन द्वारा यात्रा के दौरान 5 ड्रोन कैमरों के जरिए भी निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर संचालित होने वाले लगभग पांच हजार घोड़ा-खच्चरों पर बारकोड, टोकन, चिप लगाई जा रही है, जिससे उनकी आवाजाही और गतिविधियों की भी लगातार मॉनिटरिंग हो सकेगी।
 
ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस
केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के लिए भी इन हाईटेक कैमरों का उपयोग किया जाएगा। पुलिस इन कैमरों के माध्यम से जाम और भीड़ की स्थिति पर नजर रखते हुए तत्काल निर्णय ले सकेगी।

300 से अधिक पुलिस बल रहेगा तैनात
गौरीकुंड, सोनप्रयाग से लेकर केदारनाथ धाम तक इस बार 300 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जो सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और आपात स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद रहेंगे।
 
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- 24 घंटे सक्रिय रहेगा आपदा कंट्रोल रूम
चारधाम यात्रा के दौरान जिला आपदा कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी रखी जाएगी। यहां 24 घंटे पांच कर्मी तैनात रहेंगे, जो किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहेंगे।
- पूरे यात्रा रूट पर चौबीसों घंटे कैमरों के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है और कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके। - आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार
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300 से अधिक पुलिस बल रहेगा तैनात
गौरीकुंड, सोनप्रयाग से लेकर केदारनाथ धाम तक इस बार 300 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जो सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और आपात स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद रहेंगे।
 
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 24 घंटे सक्रिय रहेगा आपदा कंट्रोल रूम
चारधाम यात्रा के दौरान जिला आपदा कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी रखी जाएगी। यहां 24 घंटे पांच कर्मी तैनात रहेंगे, जो किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहेंगे।
- पूरे यात्रा रूट पर चौबीसों घंटे कैमरों के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है और कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके। - आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार
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