फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर 'डबल वसूली' का खेल, टोल से ज्यादा ओवरलोड का चढ़ावा; पढ़ें वसूली का सारा गणित

Thu, 09 Apr 2026 04:03 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उरई

सार

Jalaun News: कुठौंद क्षेत्र में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर ओवरलोडिंग का बड़ा खेल उजागर हुआ है। बालू से लदे भारी-भरकम ट्रक और डंपर खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहे हैं और बदले में उनसे टोल के अलावा मोटी रकम नकद वसूली जा रही है।
विज्ञापन
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जालौन में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर ओवरलोड ट्रकों से टोल के अलावा हजारों रुपये नकद वसूली का मामला सामने आया है, बिना रसीद ट्रकों को पास किया जा रहा है।स्थिति यह है कि एक्सप्रेसवे ओवरलोड ट्रकों के लिए ‘सेफ कॉरिडोर’ बन चुका है, जहां पैसा देकर आसानी से पासिंग मिल रही है।

विज्ञापन


पड़ताल में सामने आया कि इस रूट से हर घंटे 100 से अधिक ओवरलोड ट्रक गुजर रहे हैं। नियमों के मुताबिक वाहनों का वजन कांटे पर होना चाहिए, लेकिन न तो कहीं तौल हो रही है और न ही किसी तरह की सख्ती नजर आती है। इसके चलते सड़कें तेजी से खराब हो रही हैं और मरम्मत के कुछ समय बाद ही दोबारा टूटने लगती हैं।

टोल पर ज्यादा पैसे चुका कर निकलते ट्रक - फोटो : amar ujala

टोल से ज्यादा रकम अवैध तरीके से वसूली जा रही
ट्रक चालकों के अनुसार, फास्टैग से करीब 1200 रुपये टोल कटने के बावजूद 2700 से 2770 रुपये तक अतिरिक्त नकद वसूली ‘ओवरलोड’ के नाम पर की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस वसूली की कोई रसीद नहीं दी जाती। पैसा देने के बाद ट्रकों को बिना किसी जांच के आगे बढ़ा दिया जाता है। यानी टोल से ज्यादा रकम अवैध तरीके से वसूली जा रही है। जांच के दौरान कई ट्रकों की नंबर प्लेट पर मिट्टी या कालिख पुती मिली, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से गुजरते ओवरलोड वाहन - फोटो : amar ujala

किसी भी समय बन सकती है गंभीर स्थिति
इससे साफ संकेत मिलता है कि नियमों से बचने के लिए जानबूझकर ऐसे तरीके अपनाए जा रहे हैं। ओवरलोड ट्रकों की लंबी कतारों के चलते हालात इतने बिगड़ गए हैं कि जाम में एक एंबुलेंस तक फंसी मिली। इससे आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और किसी भी समय गंभीर स्थिति बन सकती है।

विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है
कुठौंद क्षेत्र के पॉइंट संख्या 232 पर खड़े ट्रक चालकों ने नाराजगी जताते हुए बताया, “टोल से ज्यादा पैसा ओवरलोड के नाम पर देना पड़ता है। बिना पैसे दिए गाड़ी आगे नहीं बढ़ती। न कोई पर्ची मिलती है, न तौल होती है, फिर भी वसूली जारी है। पूरे मामले में जिम्मेदार विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
विज्ञापन




लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है

बड़े पैमाने पर हो रही अवैध वसूली, नियमों की अनदेखी और सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो न सिर्फ सड़कों को भारी नुकसान होगा, बल्कि लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें