जिला परिषद शिमला की शुक्रवार को बचत भवन में हुई बैठक में सरकारी भूमि पर कब्जों का मामला छाया रहा। मांग की गई कि दस बीघा तक जमीन पर हुए कब्जों को नियमित करने के लिए पालिसी बनाई जाए। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष चंद्रेश्वर प्रसाद ने की। बैठक में 66 प्रस्तावों को निपटाया गया। शेष बचे प्रस्तावों को कार्यवाही के लिए संबंधित विभागों को भेजा है।
बैठक में सदस्य सुरेंद्र सिंह चौहान ने सेब के बगीचों के अतिक्रमण मामले में 10 बीघा तक की भूमि के लिए पॉलिसी बनाने के प्रस्ताव को सरकार को भेजने की बात की। सदस्य प्रेम चंद शर्मा और सुरेंद्र सिंह चौहान ने किसानों और बागवानों को बंदरों की समस्या से निपटने के लिए बंदरों के निर्यात पर लगी रोक यूपीएफ को डीपीएफ बनाने का प्रस्ताव भी सदन में जोरों शोरों से उठाया गया, बताया कि यह किसान विरोधी फैसला है।
अध्यक्ष चंद्रेश्वर प्रसाद ने बताया कि नौ तोड़ भूमि आवंटन की खामियों से हो रहे नुकसान से लोगों को निजात दिलाने के लिए सदन में सदस्य भूपेंद्र सिंह डोगरा ने प्रस्ताव रखा। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि नौतोड़ के रकबे एक दूसरे की जमीनों में आ रहे हैं। इस तरह की बहुत सी खामियां नौ तोड़ भूमि में रह गई हैं। इन्हें जल्द निपटाया जाए। बैठक में जिला परिषद सदस्य नीलम सरैकने नशे के बढ़ते कारोबार पर रोक लगाने की मांग की।
अब सस्ते में मिलेगा बचत भवन, रेट घटाए
नीलम सरकैक ने बैठक में मौजूद सदस्यों के माध्यम से बचत भवन की बुकिंग के किराये के मुद्दे को उठाया। इसमें प्रस्ताव को सर्व समिति से पारित किया गया और दैनिक किराये को 5000 से कम करके 3000 रुपये किया गया। रामलाल शर्मा ने ठियोग में मिनी सचिवालय खोलने की मांग की। बताया कि अगर एक ही जगह पर कार्यालय खुल जाते हैं तो किसी भी व्यक्ति को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सदन में प्रस्ताव को सर्व समिति से पारित किया गया।