हिमाचल के लाखों युवाओं को अब नौकरी प्राप्त करने के लिए अपने पैसे से ट्रेनिंग करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नेशनल डेवलपमेंट सर्किल कारपोरेशन भारत सरकार की मदद से सरकार युवाओं को रोजगार से संबंधित विभिन्न तरह के निशुल्क प्रशिक्षण कराने जा रही है।
केंद्र ने इसके लिए 3 करोड़ की पहली ग्रांट जारी की है। 15 जनवरी से प्रदेश के 10 मुख्यालयों में ये ट्रेनिंग शुरू होगी। शहरी विकास विभाग ने हर मुख्यालय में 25 से 30 युवाओं का ग्रुप बनाया है। पहले चरण में प्रशिक्षण प्रदेश के 6 हजार युवाओं को दिया जाना है।
बड़ी बात यह है कि ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को केंद्र और प्रदेश सरकार से प्रमाणपत्र जारी होंगे। ये प्रमाणपत्र सरकारी नौकरी के लिए उपयुक्त माने जाएंगे। प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट युवाओं की कमी है।
कंपनी भी डिप्लोमा या डिग्री प्राप्त करने वाले युवाओं को नौकरी के लिए ज्यादा तरजीह दे रही है। इसके चलते सरकार ने प्रदेश के युवाओं को ट्रेनिंग देकर रोजगार देने का बीड़ा उठाया है।
युवाओं को यहां मिलेगा प्रशिक्षण
सरकार ने प्रति व्यक्ति की ट्रेनिंग पर 18 हजार खर्च करने का फैसला लिया है। इसमें युवा और युवतियों को होटल मैनेजमेंट, कंप्यूटर टैली, मोबाइल, फ्रिज रिपेयर, इलेक्ट्रिशियन, ब्यूटीफिकेशन, मोटर मेकेनिक आदि की ट्रेनिंग दी जाएगी।
प्रशिक्षण शिमला, धर्मशाला, हमीरपुर, कांगड़ा, चंबा, बिलासपुर, मंडी, सोलन, नाहन और ऊना में दिया जाएगा।
निदेशक शहरी विकास विभाग जेएम पठानिया ने बताया कि युवाओं को ट्रेनिंग देने के लिए केंद्र से कुछ पैसा विभाग को मिला है। 15 जनवरी से इस योजना को प्रदेश में शुरू किया जाना है। जो लोग पहले से प्रशिक्षित हैं, उन्हें 3 महीने का प्रशिक्षण देंगे जबकि अन्य को 6 महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।