प्रदेश युवा कांग्रेस ने कहा है कि अगर सरकार और प्रशासन ने शीघ्र रोहड़ू-शिमला मार्ग बहाल नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा। कहा कि यह मार्ग पिछले छह दिन से बंद है। बागवान नकदी फसल सेब को मंडियों तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त वित्तीय बोझ वहन कर रहे हैं।
समय भी बर्बाद हो रहा है। सेब की वाया नारकंडा ढुलाई से अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है। हर रोज क्षेत्र से चार सौ छोटी-बड़ी गाड़ियां मंडियों में जा रही हैं।
युकां लोकसभा सीट के प्रवक्ता दीपक खुराना और हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र के महासचिव चमन शर्मा ने कहा कि रोहड़ू-शिमला मार्ग
खड़ापत्थर और निहारी के पास छह दिन से बंद है। मार्ग बंद होने से बागवानों को सेब ढली, परवाणू, चंडीगढ़ और दिल्ली मंडियों तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है। खड़ापत्थर में 50 मीटर और निहारी में 100 मीटर के पैच में रास्ता बंद है।
युकां नेताओं ने कहा कि मंडियों में सेब पहुंचाने के लिए बागवानों को 70 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। गाड़ी मालिक वाया नारकंडा सेब मंडियों में पहुंचाने को प्रति पेटी 120 रुपये वसूले रहे हैं, जबकि रोहड़ू से सीधे सेब लाने का भाड़ा 95 रुपये है। परवाणू के लिए छोटी गाड़ी ले जाने को 10 हजार किराया वसूला जा रहा है।