सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने का किया था प्रयास अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। युवती की बिना अनुमति निजी वीडियो की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर धमकाने और ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। स्क्रीन रिकॉर्डिंग एक ऐसा टूल है फोन या कंप्यूटर की स्क्रीन पर होने वाली हर गतिविधि को वीडियो के रूप में रिकॉर्ड किया जा सकता है।
आरोपी अंकुश चौहान (21) निवासी जिला सिरमौर का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार हाल ही में एक 20 वर्षीय युवती ने महिला थाना बीसीएस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि आरोपी युवक ने बिना उसकी अनुमति के निजी वीडियो की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली। इसके बाद आरोपी उसे वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस ने इस मामले की केस दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी ने वीडियो को विभिन्न वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने का प्रयास भी किया था। आरोपी की पहचान के लिए पुलिस ने तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान अंकुश चौहान निवासी जिला सिरमौर के रूप में हुई। पुलिस टीम ने आरोपी की लोकेशन का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया। इसके कब्जे से मोबाइल फोन भी बरामद किया है। मोबाइल फोन को जांच के लिए एफएसएल भेजा जा रहा है। मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है।
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पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह ने कहा कि महिलाओं से संबंधित अपराधों में पीड़िता की गोपनीयता, गरिमा और पहचान की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। साइबर माध्यम से महिलाओं की निजता प्रभावित करने वाले मामलों में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।
इनसेट यह बरतें सावधानियां एप की सेटिंग में जाकर स्क्रीनशॉट और स्क्रीन रिकॉर्डिंग को ब्लॉक करने का विकल्प ऑन करें
वीडियो या कोर्स दिखाने के लिए मजबूत डिजिटल राइट्स मैनेजमेंट (डीआरएम) सुरक्षा लागू करें एप में संवेदनशील जानकारी या निजी डेटा दिखाते समय सुरक्षित ब्राउजर मोड का उपयोग करें
एंड्रॉइड एप में फ्लैग-सिक्योर कोड जोड़ें, ताकि स्क्रीन रिकॉर्डिंग या स्क्रीनशॉट लिए जाने से रोका जा सके
थर्ड-पार्टी टूल : स्क्रीन रिकॉर्डिंग का पता लगाने वाले सुरक्षा सॉफ्टवेयर (एंटी-रिकॉर्डिंग सॉफ्टवेयर) का उपयोग भी कर सकते हैं