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विश्व स्वास्थ्य दिवस: आईजीएमसी शिमला में जून से पैट स्कैन, रोबोटिक सर्जरी की तैयारी

Mon, 07 Apr 2025 12:50 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

 सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी शुरू होगी, वहीं आईजीएमसी में जून महीने में पैट स्कैन सुविधा उपलब्ध होगी। 
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स्वास्थ्य - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में इस साल स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव नजर आएगा। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी शुरू होगी, वहीं आईजीएमसी में जून महीने में पैट स्कैन सुविधा उपलब्ध होगी।  कैंसर पीड़ित मरीजों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आईजीएमसी, चमियाना, हमीरपुर और नेरचौक मेडिकल कॉलेज में एमआरआई की अत्याधुनिक मशीनें लगेंगी। प्रदेश सरकार ने इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुजुगों के टेस्ट और उपचार घर-द्वार पर हो सकेंगे। हर विधानसभा क्षेत्र में एक एक आदर्श स्वास्थ्य संस्थान होगा। वर्तमान 49 विधानसभा क्षेत्रों में संस्थान खोल दिए गए हैं।

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11 स्वास्थ्य संस्थानों में ब्लड स्टोरेज यूनिट
11 स्वास्थ्य संस्थानों घवांडल, चुवाड़ी, भोरंज, नादौन, तियारा, जयसिंहपुर, पद्धर, धर्मपुर, जुन्गा, हरोली और अंब में ब्लड स्टोरेज यूनिट बनेंगे। बीमार नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और ऊना जिले में 17 न्यू बोर्न स्टाइवेलाइजेशन यूनिट स्थापित होंगे। हमीरपुर और मंडी मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब खुलेगी। हिमाचल में 10 नए हेल्थ वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे। प्रदेश सरकार डायबिटीज से पीड़ित गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए मुफ्त इंसुलिन पंप उपलब्ध करा रही है।

धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर का बड़ा कारण    
धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर का मुख्य कारण है। डॉक्टरों के मुताबिक धूम्रपान में मौजूद हानिकारक रसायन जैसे कि टार, निकोटिन और कार्बनमोनोऑक्साइड फेफड़े की कोशिकाओं को मुकसान पहुंचाते हैं और कैंसर के विकास को बढ़ावा को देते हैं। रेडियोथैरेपी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ललित चंद्रकांत ने बताया कि महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में यह बीमारी अधिक होती है। आईजीएमसी शिमला के कैंसर अस्पताल में हर साल 2400 से 2600 नए रोगी उपचार के लिए आते हैं।
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जंक फूड के कई नुकसान
 जंक और फास्ट फूड एक ऐसा खाद्य पदार्थ है, जो बहुत ही उच्च कैलोरी वाला होता है। इसमें पोषक तत्वों की मात्रा बहुत कम होती है। इसमें अधिक मात्रा में शूगर, सॉल्ट, संतृप्त वसा और उच्च कैलोरी पाई जाती है। यह स्वास्थ्य के लिए बहुत नुकसानदेह होता है। जंक फूड का सेवन पाचन शक्ति को कमजोर बनाता है। एक ही तेल में किसी चीज को बार-बार डीप फ्राई किया जाता है। ऐसे में तेल पेट में जमा हो जाता है। इससे पेट की बीमारियों की समस्या हो सकती है। इसका सेवन करने से हृदय से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। इससे मोटापा हो सकता है। ब्लड प्रेशर बढ़ता है। इधर, नशा करने की गलत आदत के कारण व्यक्ति की जिंदगी पूरी तरह से बदल जाती है। नशा करने की लत के कारण व्यक्ति इतना मजबूर हो जाता है कि वह कई बार अपना आपा खो बैठता है।
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