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World Environment Day: जल शुद्धिकरण की तकनीक विकसित करने पर वंदना को नवाजा

Sun, 05 Jun 2022 10:19 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)

सार

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने वंदना को जल शुद्धिकरण की सस्ती और सटीक तकनीक विकसित करने के लिए विशेष रूप से बधाई देते हुए इसे और विकसित करने के लिए आर्थिक सहायता देने का आश्वासन भी दिया।
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वंदना को पुरस्कार देते अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सिरमौर की राजकीय उच्च पाठशाला नौरंगाबाद की वंदना को विश्व पर्यावरण दिवस पर शिमला में राज्य स्तरीय पुरस्कार भेंट किया गया। छात्रा को यह पुरस्कार जल शुद्धिकरण की जैविक तकनीक को विकसित करने के लिए बनाए गए मॉडल के लिए मिला। राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से करवाए गए राज्य स्तरीय कार्यक्रम में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

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कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी तकनीकों पर आधारित पांच मॉडल चयनित कर आमंत्रित किए गए थे। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने वंदना को जल शुद्धिकरण की सस्ती और सटीक तकनीक विकसित करने के लिए विशेष रूप से बधाई देते हुए इसे और विकसित करने के लिए आर्थिक सहायता देने का आश्वासन भी दिया। इस अवसर पर स्कूल के मुख्य अध्यापक संजीव अत्री और शिक्षिका शिवानी शर्मा भी उनके साथ मौजूद रहे।

मौजूदा समय में वंदना 10वीं कक्षा की छात्रा हैं। नौवीं कक्षा में रहते हुए उनके गाइड टीचर संजीव अत्री की देखरेख में यह मॉडल तैयार करवाया गया था। शिक्षा मंत्री भी इससे पहले इस मॉडल के लिए वंदना को सम्मानित कर चुके हैं।

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सोलन, सिरमौर और हमीरपुर के स्कूल को ग्रीन पुरस्कार

तीन स्कूलों को सम्मानित करते अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना। - फोटो : संवाद
हिमाचल प्रदेश के तीन स्कूलों को अपने परिसरों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए ग्रीन स्कूल पुरस्कार से नवाजा गया है। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर रविवार को गेयटी थियेटर में पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने यह पुरस्कार प्रदान किए।

पर्यावरण के तय मानकों पर सोलन जिले के शिवालिक वैली पब्लिक स्कूल ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। सिरमौर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नैनीधार को दूसरे और हमीरपुर जिले के सरकारी हाई स्कूल डुघा को तीसरे स्थान पर रहने के लिए मुख्यमंत्री रॉलिंग ट्राफियां प्रदान की गईं। 

बता दें कि यह अवार्ड हर साल सीएसई और हिमाचल प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद (हिमकॉस्ट) के सहयोग से दिए जाते हैं। दोनों मिलकर राज्य में पर्यावरण-शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए लगभग एक दशक से साथ काम कर रहे हैं।

ग्रीन स्कूल कार्यक्त्रस्म का उद्देश्य सभी को पर्यावरण के महत्व को समझाना है। सीएसई की इस पहल में वर्ष 2012 में हिमाचल के 44 स्कूल शामिल थे। जिनकी संख्या आज 699 है।
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