अंडर-13 वर्ग में मल्हार, अंडर- 17 वर्ग विहान और महिला वर्ग में एन योगिता प्रथम
60 से अधिक आयु वर्ग में तुलसी राम शर्मा ने जीती प्रतियोगिता
उपायुक्त ने विजेताओं को किया सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। रोटरी टाउन हॉल में रविवार को जिला स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले खेले गए। रोटरी क्लब की ओर से आयोजित दो दिवसीय स्पर्धा में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने विजेता, उपविजेता और प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।
ओपन वर्ग में संजीव ठाकुर ने पहला स्थान प्राप्त किया। विक्की कुमार ने दूसरे, जगदीश ने तीसरा, अर्नव बेक्टा ने चौथा और पंकज भंडारी ने पांचवां स्थान पाया। अंडर-13 प्रतियोगिता में मल्हार वेक्टा ने पहला, स्मार्ट गुप्ता ने दूसरा और सूरजकांत कुमार ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। अंडर-17 में विहान भिक्ता ने पहला, मादव भिक्ता ने दूसरा और उज्ज्वल शर्मा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में एन योगिता ने पहला, सद्रष्टि सिमगता ने दूसरा और इरा गुप्ता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। अनुभवी श्रेणी (60 से ऊपर) वर्ग में तुलसी राम शर्मा ने पहला, एमएस कंवर ने दूसरा और एनएस गुलेरिया ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सबसे कम उम्र के प्रतिभागी लावन्या सूद (6 वर्ष, महिला), प्रीतम ओरांव (8 वर्ष- पुरुष), अभियुदव सिंह ठाकुर (8 वर्ष - पुरुष) को भी सम्मानित किया गया।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि शतरंज एक दिमागी खेल है। अगर हम अपने दिमाग का सही इस्तेमाल करेंगे तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किताबों और खेलों से दोस्ती बच्चों का सर्वांगीण विकास करती है। उन्होंने क्लब को प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर बधाई दी। कहा कि जिला प्रशासन ने मंदिरों में हरी पत्तल का इस्तेमाल की प्रथा आरंभ कर दी है। रोटरी क्लब शिमला के अध्यक्ष सौरभ राज सूद ने कहा कि क्लब की इस पहल का उद्देश्य रणनीतिक सोच, मानसिक अनुशासन और खेल कौशल की भावना को बढ़ावा देना है। इस मौके पर युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के अतिरिक्त निदेशक हितेश आजाद, राज्य शतरंज एसोसिएशन के महासचिव संजीव ठाकुर, रोटरी क्लब शिमला के सचिव अर्जुन गोयल, वरिष्ठ रोटेरियन एडवोकेट कपिल देव सूद मौजूद रहे।