कारखानों और अन्य निजी संस्थानों में काम करने वाली ईएसआईसी के तहत पंजीकृत कामगार महिलाओं का मातृत्व अवकाश अब छह माह कर दिया गया है। पहले यह तीन महीने का होता था। इस सुविधा का हजारों कामगार महिलाओं को लाभ होगा। ईएसआई की ओर से इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
नए साल से यह सुविधा लागू होगी। नए सुधारों के तहत गर्भवती महिला को प्रसव की तारीख से छह माह तक उसके दैनिक दर के वेतन का सौ फीसदी हित लाभ ईएसआई कॉरपोरेशन देगा। पहले यह हित लाभ केवल तीन माह तक दिया जाता था। प्रसव के बाद अब महिला छह माह तक अवकाश पर रहते हुए भी निगम से अपना वेतन ले सकेगी।
यह जानकारी ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक सुभाष चंद्रा और पीआरओ देव व्रत ने दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली कार्यालय से इसकी सूचना आ चुकी है। नए नियमों के तहत किसी भी गर्भवती कामगार महिला का गर्भ खराब होने पर उसे दो माह का हित लाभ यानी वेतन सहित अवकाश मिलेगा। पहले यह लाभ छह सप्ताह के लिए ही दिया जाता था।
किसी नवजात को गोद लेने वाली कामगार महिला को भी निगम की नई नियमावली में तीन माह का हित लाभ दिया जाएगा, जिससे कामगार महिला अपने नवजात बच्चे की देखभाल को सही तरीके से और बिना आर्थिक परेशानी के कर सके। हिमाचल में निगम के अधीन महिला कामगारों की बात की जाए तो इनकी संख्या एक लाख के करीब है। नए नियमों के तहत प्रदेश की हजारों महिलाओं को योजना का बेहतर लाभ मिलेगा।