शिमला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौरव महाजन की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में दोषी महिला की अपील और शिकायतकर्ता द्वारा मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग वाली अपील खारिज कर दी है। अदालत ने निचली अदालत के उस फैसले को पूरी तरह बरकरार रखा है, जिसमें महिला को छह महीने के साधारण कारावास और 8 लाख रुपये का जुर्माना देने की सजा सुनाई थी। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी महिला को 30 दिन की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। लोअर मल्याणा निवासी भागू देवी उर्फ अनीता ने शिकायतकर्ता इंदर सिंह और उनके भाई के साथ मल्याणा स्थित चार मंजिला इमारत की तीसरी मंजिल का आरसीसी ढांचा बेचने का इकरारनामा (एग्रीमेंट टू सेल) किया था। शिकायतकर्ता पक्ष ने 6.50 लाख रुपये की राशि महिला को अदा कर दी थी लेकिन तय समय पर सेल डीड निष्पादित नहीं की गई। रकम वापस मांगने पर आरोपी महिला ने 6.50 लाख रुपये का चेक जारी किया। शिकायतकर्ता ने जब यह चेक बैंक में लगाया तो खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया था। संवाद