ऑक्सीजन न मिलने से शिमला के संजौली में रहने वाली 51 साल की महिला की मौत हो गई है। 108 कर्मियों की लापरवाही महिला की जान पर भारी पड़ी है। आरोप है कि 108 एंबुलेंस में लगा ऑक्सीजन सिलेंडर खाली था। मौके पर जब महिला को पहुंचाया गया तो 108 ऑपरेटर ने सिलेंडर के खाली होने की बात कही। सिलेंडर में लगी नोजल को इसी बीच दूसरे सिलेंडर से बदला जा रहा था।
लेकिन तब तक काफी देर हो गई थी। नोजल बदलने के बाद महिला को ऑक्सीजन दी गई और आईजीएमसी पहुंचाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। घटना रविवार रात बारह बजे की है। संजौली में रहने वाली कृष्णा सूद को फेफड़ों की बीमारी थी। दो साल से महिला का उपचार चल रहा था।
महिला को हर समय ऑक्सीजन पर रखा गया था। देर रात महिला की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को फोन किया। परिवार के सदस्य विकास सूद ने बताया कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन को लेकर ऑपरेटर को चेता दिया गया था। मौके पर 108 पहुंची तो ऑपरेटर ने कहा कि गाड़ी में लगा सिलेंडर खाली है, इसे बदलना होगा।
जैसे ही ऑपरेटर नोजल को दूसरे सिलेंडर में बदलकर चूड़ियां कसने में व्यस्त थे तो इसी बीच महिला की हालत खराब हो गई। करीब बीस मिनट के सफर के बाद परिजन महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे। लेकिन डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। उधर घटना के बाद परिजनों ने 108 कर्मियों पर लापरवाही के आरोप लगाए है।
विकास सूद का कहना है कि समय पर ऑक्सीजन होती तो उनकी भाभी की जान बच सकती थी। उन्होंने बताया कि वह इस मामले की लिखित शिकायत अस्पताल प्रबंधन को करेंगे।
उधर दूसरी ओर इसी मामले पर जब अस्पताल से बॉडी को घर ले जाया जा रहा था तो आईजीएमसी से संजौली तक लोक कल्याण समिति (एलकेएस) के चालक ने ढाई से तीन किलोमीटर के रास्ते पर शव को छोड़ने के लिए पंद्रह सौ रुपये की डिमांड कर डाली। परिवार ने इसकी शिकायत भी मौखिक में अस्पताल प्रबंधन को की है।
पेशेंट के वाइटेल किए थे चेक
108 गाड़ी मौके पर पहुंची थी। इमरजेंसी मेडिकल टेकनीशियन (ईएमटी) ने पेशेंट के वाइटेल चेक किए थे। लेकिन उसमें जान नहीं थी। पेशेंट को रिवाइव करने के लिए सीपीआर दिया जिसका फायदा नहीं हुआ और हास्पिटल ले जाकर डिकलेयर कर दिया। सिलेंडर खत्म होने पर बताया कि नोजल चेंज कर लिया था। लेकिन कहीं भी अगर लापरवाही बरती गई थी तो मामले की जांच की जाएंगी। डॉक्यमेंट को बारीकि से देखा जाएगा।- आकाशदीप- प्रोग्राम मैनेजर शिमला डिविजन 108,102
शव को घर पहुंचाने के बाद मांगे 1500 रुपये
संजौली से सूद परिवार के एक सदस्य ने मौखिक रुप में शिकायत की है। कहा है कि शव को जब संजौली पहुंचाया गया था तो चालक ने पंद्रह सौ रुपये की डिमांड की। प्रबंधन को मौखिक रुप से सदस्य ने शिकायत की है। लेकिन लिखित में शिकायत मांगी गई है। शिकायत आने के बाद इन पर कड़ी कार्यवाही की जाएंगी। जबकि दूसरी ओर इन्हें लोकल शिमला में शव को मुफ्त में छोड़ने की बात की गई है। ऐसी लापरवाही है तो अवश्य ही कार्यवाही होगी।- डॉ. राहुल रॉव- उप चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी