शिमला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-2 यजुवेंद्र सिंह की अदालत ने पीड़ित को जिंदा जलाने के प्रयास और प्रताड़ित करने के मामले में शिमला निवासी आरोपी महिला को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 16 सितंबर 2023 की रात को शिमला क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहे पीड़ित आकाश और आरोपी महिला मित्र के बीच विवाद हुआ था। आरोप था कि नशे की हालत में पीड़ित को चारपाई से बांधकर, आंखों में लाल मिर्च झोंककर और कमरे में आग लगाकर आरोपी महिला ने उसे जिंदा जलाने की कोशिश की थी। इस घटना में पीड़ित गंभीर रूप से झुलस गया था। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि मुख्य गवाह और पीड़ित के बयान बेहद विरोधाभासी थे। पीड़ित ने जिरह के दौरान महिला मित्र पर लगाए आरोपों से इन्कार कर दिया था। उसने स्वीकार किया कि वह घटना के वक्त नशे में था और आरोपी महिला ने उसे अस्पताल पहुंचाया था। पीड़ित ने शिकायत में दावा किया था कि वह और आरोपी महिला शादीशुदा हैं। संवाद