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West Asia Crisis: हिमाचल के युवा बोले- शारजाह और जेद्दा में हालात सामान्य, व्हाट्सएप काॅल पर दिखाया माहौल

Fri, 06 Mar 2026 06:00 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा/धर्मशाला।

सार

शारजाह और जेद्दा में रहने वाले हिमाचल के युवाओं का कहना है कि वहां पर अभी हालात सामान्य हैं। 
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पीरबक्श, रोहित खान। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव का असर खाड़ी देशों मेंं कार्यरत भारतीयों पर भी दिखने लगा है। हालांकि शारजाह और जेद्दा में रहने वाले हिमाचल के युवाओं का कहना है कि वहां पर अभी हालात सामान्य हैं। भटियात विस क्षेत्र के सिहुंता क्षेत्र के गांव थकोली (छलाड़ा) निवासी रोहित खान पुत्र मुहम्मद हनीफ ढाई साल पहले जेद्दा (सऊदी अरब) में एयरपोर्ट पर बतौर सुरक्षा अधिकारी तैनात हैं। रोहित खान ने बताया कि जेद्दा से 45 किलोमीटर की दूरी पर मक्का है। बताया कि उनके शहर में स्थिति पूरी तरह से सामान्य है। जहां पर वे हैं, वहां से सैंकड़ों किलोमीटर दूरस्थ जगहों जैसे बहरीन की तरफ हालात खराब हैं। वह रात्रि डयूटी पर रहते हैं।

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उनका कहना है कि युद्ध के हालात की खबर सुन कर उन्हें भी डर महसूस होता है, लेकिन यहां हालात सामान्य हैं। सभी अपने कार्य में मशगूल रहते हैं। रोहित खान के पिता मुहम्मद हनीफ, माता राज बेगम ने बताया कि जिस हिसाब से टीवी पर समाचार आ रहे हैं, उससे पूरा परिवार चिंता में है। माता-पिता की चिंता को देखते हुए रोहित खान ने उन्हें व्हाट्सएप कॉल के जरिये अपने मकान समेत आस-पास के माहौल को दिखाया। इसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। कांगड़ा के तहसील नूरपुर निवासी पीरबक्श पुत्र बशीर मुहम्मद शारजाह में स्थित वेयर हाउस में बतौर सहायक अधिकारी तैनात हैं। परिवार से मोबाइल फोन पर हुई बात में उन्होंने बताया कि वह दुबई से 50 किमी दूर हैं। यहां हालात सामान्य हैं। लोगों की दिनचर्या आम दिनों की तरह है। वह भी प्रतिदिन अपने काम पर जा रहे हैं। पीरबक्श की माता मासो बीबी ने भी बेटे से बात होने के बाद राहत की सांस ली।

बहरीन में फंसे लडभड़ोल के राणा, कहा-बाबा जी पर भरोसा
‘मुझे बाबा बालक नाथ जी पर पूरा भरोसा है।’ यह कहना है युद्ध प्रभावित बहरीन के सीतरा शहर में फंसे लडभड़ोल के मेहड़ गांव के रविंद्र सिंह राणा का। उन्होंने वहां कमरे में बाबा बालक नाथ की तस्वीर लगा रखी है। सोशल मीडिया के जरिये हुई बातचीत में रविंद्र सिंह राणा ने कहा कि चारों ओर धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। मिसाइलें गिर रही हैं, ड्रोन से भी हमले किए जा रहे हैं। बाजार बंद हैं, शहर की सड़कों में सन्नाटा है। सभी सुरक्षित जगहों पर ठहराए गए हैं।

उन्होंने बहरीन सरकार का भी आभार जताया कि किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जा रही है। राशन-पानी सब मुहैया करवाया जा रहा है। राणा जिस कंपनी में काम करते हैं, वह भी पूरा सहयोग कर रही है। राणा कहते हैं कि उनके साथ भारत के करीब 175 युवा हैं। वे सभी बहरीन के सीतरा शहर में फंसे हैं। सभी घर आना तो चाहते हैं, लेकिन आने के सभी रास्ते बंद हैं। एक ही एयरपोर्ट है जो बंद है। हालांकि उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि वे सुरक्षित हैं, चिंता न करें। हालातों के सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही हालात सामान्य होंगे, वे अपने वतन सुरक्षित लौटेंगे।
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बेटे की चिंता, जल्द सुरक्षित घर लौटे
राणा की मां विमला देवी ने कहा कि उन्हें बहरीन में फंसे बेटे की चिंता सता रही है। हालांकि बेटे से बातचीत हो रही है, लेकिन वहां हालात बिगड़ते जा रहे हैं। युद्ध जल्द खत्म होना चाहिए और बेटा सुरक्षित घर लौटे। राणा की पत्नी बिंदू ने कहा कि भारत सरकार को बहरीन में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास करने चाहिए। राणा की एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि बेटा दिल्ली में प्रशिक्षण ले रहा है।
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