विरोध प्रदर्शन करने गए पर खुद ही विरोध का शिकार हो गए। मामला देहरा में भाजपा की आक्रोश रैली के दौरान सामने आया। यहां शुक्रवार को एकाएक विधायक बिक्रम ठाकुर गो बैक के नारे लगे और काले झंडे दिखाए गए। इससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा। दरअसल जब भाजपा कार्यकर्ताओं की रैली तहसील चौक से मिनी सचिवालय की ओर जा रही थी तो बाजार के बीच कुछ दुकानदारों ने पूर्व मंत्री और जसवां परागपुर के विधायक बिक्रम ठाकुर के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस रैली के आगे-आगे भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना भी चल रहे थे। नारेबाजी को अनदेखा करके वह आगे बढ़ गए। लेकिन जब पूर्व मंत्री और विधायक बिक्रम ठाकुर पहुंचे तो वह वहां पर खड़े हो गए और कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
थोड़ी देर नारेबाजी होने के बाद भाजपा कार्यकर्ता मिनी सचिवालय की ओर बढ़ गए। कुछ दुकानदारों ने बिक्रम ठाकुर गो बैक के नारे क्यों लगाए। इसकी सही जानकारी नहीं मिल पाई है। क्योंकि बाद में विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी और काले झंडे दिखाने वाले दुकानदार कुछ भी बोलने से कतराते रहे। भाजपा के संगठनात्मक जिला देहरा के ज्वालामुखी, देहरा और जसवां परागपुर हलके के कार्यकर्ता देहरा में कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों और डिनोटिफाई किए गए संस्थानों के विरोध में आक्रोश रैली निकालने देहरा बाजार में एकत्रित हुए थे। नेतृत्व प्रदेश भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना कर रहे थे।
साथ ही विधायक बिक्रम ठाकुर, पूर्व मंत्री रविंद्र सिंह रवि और पूर्व मंत्री रमेश धवाला भी रैली में शामिल रहे।
कार्यकर्ताओं की वर्कशाप लगाएं सीएमः बिक्रम
रैली के उपरांत बिक्रम ठाकुर ने कहा कि कुछ लोग उनके खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। ये लोग सीएम सुक्खू के आगे अपने नंबर बनाना चाहते थे। देहरा में कुछ लोगों ने भाजपा की आक्रोश रैली में व्यवधान डालने की कोशिश की। इन लोगों में इतना दम नहीं है। यदि दम होता तो वह अच्छे तरीके से विरोध करते। मैं इस घटना की निंदा करता हूं। सीएम को चाहिए कि वह अपने कार्यकर्ताओं की वर्कशॉप लगाएं और बताएं कि लोकतंत्र का सम्मान किस प्रकार करना चाहिए।