रविवार रात को केलांग में न्यूनतम तापमान -3.2, कल्पा में -1.2, मनाली में 0.6, डलहौजी में 3.3, कुफरी में 3.5, भुंतर में 5.4, शिमला में 6.8, मंडी-सोलन में 7.4, सुंदरनगर में 7.5, पालमपुर में 8.0 और धर्मशाला में 9.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
उधर, सोमवार को प्रदेश भर में मौसम साफ रहा। राजधानी शिमला सहित अन्य क्षेत्रों में धूप खिली रही। शिमला शहर में हालांकि हल्के बादल भी छाए रहे। तेज हवाएं चलने से शिमला के मौसम में ठंडक बढ़ गई है। सोमवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की कमी दर्ज हुई।
सोमवार को ऊना में अधिकतम तापमान 28.0, कांगड़ा में 24.8, हमीरपुर में 24.5, बिलासपुर में 23.8, सुंदरनगर में 22.9, नाहन में 22.3, भुंतर में 21.8, चंबा में 20.7, सोलन में 20.4, धर्मशाला में 18.4, शिमला में 16.4, कल्पा में 12.0 और डलहौजी में 9.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
राज्य सरकार ने पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने का अलर्ट जारी किया है। मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने अप्रत्याशित बर्फबारी के मद्देनजर लोगों से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने का आग्रह किया है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मनीषा नंदा ने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण चंबा जिले के होली क्षेत्र फंसे तीन युवकों को बचा लिया गया है। मनीषा नंदा ने बताया कि सोमवार को फंसे युवकों को सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से बचाया गया।
बर्फबारी की वजह से जनजातीय क्षेत्र लाहौल में रोहतांग दर्रा बंद होने से सैकड़ों वाहन फंस गए हैं। सर्दी का राशन लेकर लाहौल और पांगी गए करीब 120 ट्रक भी फंसे हुए हैं। इनके अलावा सेब और आलू बीज से लदे दर्जनों ट्रक भी नहीं निकल पा रहे।
ट्रक चालकों ने आरोप लगाया कि जब प्रशासन को सामान लाना है तो वह उन्हें रोहतांग टनल होकर भेजने का आश्वासन देता है। लेकिन अब प्रशासन उनकी नहीं सुन रहा है। ट्रक चालक तेज राम, राजेश, राजू, मोहर सिंह, अमरनाथ, दिले राम तथा गोविंद ने कहा कि वह चार दिनों से फंसे हैं।
लेकिन उन्हें बाहर निकालने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह लाहौल व पांगी के लिए राशन लेकर आए थे। परंतु अब रोहतांग दर्रा में हुई बर्फबारी से फंस गए हैं।
उन्होंने कहा कि कई ट्रक सेब व आलू बीज से लदे हैं। इसके अलावा घाटी से बाहर जाने वालों में सेब, आलू व्यापारी व कामगार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि रोहतांग के नोर्थ पोर्टल में 60 से 70 लोग जाने वाले थे लेकिन यहां तैनात बीआरओ के लोगों ने उन्हें रोक दिया है।
उधर, दोपहर बाद उपायुक्त लाहौल-स्पीति रोहतांग टनल होकर कुल्लू के लिए रवाना हुए। डीसी अश्विनी कुमार चौधरी ने कहा कि पिछले दिनों उन्होंने लाहौल में फंसे लोगों को रोहतांग टनल से भेजा था, लेकिन अब रोजाना टनल से नहीं निकाला जा सकता।