जिला मंडी में मूसलाधार बारिश आफत बन चुकी है। वीरवार मध्यरात्रि से शुक्रवार सुबह तक तेज बारिश ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। पिछले 24 घंटे में जिलेभर में करीब दस करोड़ का नुकसान आंका गया है। छोटी काशी के रामनगर में पार्किंग के शेड पर डंगा गिरने से टीन की छत गाड़ियों पर आ गिरी। इसमें करीब 12 गाड़ियों का नुकसान पहुंचा है। चार गाड़ियों की छत बुरी तरह से चिपक गई है।
तेज बारिश के बीच मंडी-कुल्लू एनएच दिनभर रुक-रुक कर बाधित होता रहा। सुबह छह से साढ़े सात बजे और दोपहर बाद तीन से चार बजे तक एनएच बाधित रहा। वहीं, भारी बारिश के कारण जिलेभर में करीब बीस सड़कें पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। 13 ट्रांसफार्मर ठप होने से कई गांवों में अंधेरा पसरा है। उधर, उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी ने कहा कि सड़कों को बहाल करने में मशीनरी और लेबर जुटी है।
कॉलेज पहुंचना भी मुश्किल
वल्लभ कॉलेज गेट पर पानी जमा हो गया। इन दिनों दाखिला प्रक्रिया चल रही है। विद्यार्थी समस्याओं को लेकर कॉलेज पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को कॉलेज की सड़क पर पानी जमा होने के कारण विद्यार्थियों को काफी परेशानी हुई।
इन सड़कों पर आवाजाही रही बंद
उही-वैली, पाखरी-गलुधर-बल्हो, नियोल-बुद्ध, बोंगल-शाधला-त्रयांबली, कटिंढी-बासा, तंदु-मथानेउल-भवारी रोड, हणेगी-बंधी, बंधी- कांधा, थाची-दीदर, बिलागड-मगरूगला, थाच-कशौद, कोट-देओल-जैनशाला, बंथलट- सनरली-शंकरदेहरा- रायगढ़, बिलागड-मग्रगल्ला वाया गगन-जनहाद- थानसेर, महच-देवरी, तपनाली-खौली, तपनाली-घाट रोड, बौंचरी-कंधारो, जाच-सारही और कहनू से प्रांगन मार्ग बंद रहे।