भारी बर्फबारी और बारिश के बाद मंगलवार को मौसम साफ हो गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिन तक मौसम साफ रहेगा। मौसम में आए इस बदलाव के बाद अब मैदानी इलाकों में प्लम, बादाम और अन्य फसलों पर फूल खिलने की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।
बेशक मौसम खुल चुका है, लेकिन शिमला, किन्नौर, चंबा, पांगी के कई क्षेत्रों में सड़कों के अवरुद्ध होने से यातायात आवाजाही नहीं हो पाई है। बहुत से गांव ऐसे हैं जो बिजली न होने के कारण अंधेरे में डूबे हैं। शुक्रवार से फिर से मौसम का मिजाज बदलेगा।
16 मार्च तक लगातार चार दिन तक मौसम खराब रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि इन चार दिनों में ऊंचाई और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश होगी। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव आया है।
कल्पा, केलांग और मनाली का तापमान माइनस में
मौसम के साफ रहने के बावजूद कल्पा, केलांग और मनाली का न्यूनतम तापमान माइनस में चल रहा है। केलांग -12.7, कल्पा -7.4, मनाली -3.0, भुंतर 2.1, सुंदरनगर 2.6, हमीरपुर 2.6, चंबा 3.5, सोलन 4.0, शिमला 4.3, डलहौजी 4.3, ऊना 4.4, पालमपुर 4.5, बिलासपुर 4.6, मंडी 5.0, कांगड़ा 5.1, धर्मशाला 6.2 और नाहन का न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
पांच से आठ डिग्री बढ़ा तापमान
धूप खिलने से एक ही दिन में अधिकतम तापमान 5 से 8 डिग्री बढ़ गया। राजधानी शिमला का तापमान 11.2 से 16.8, ऊना का 22.2 से 28.4, सुंदरनगर का 16.7 से 24.6, भुंतर का 15.8 से 21.7, कल्पा का 4.0 से 7.0, नाहन का 19.2 से 23.2 और सोलन का अधिकतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 21.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।