मानसून की बरसात शुरू होते ही पहाड़ी राज्यों से स्थितियां बिगड़ने लगी हैं। हिमाचल प्रदेश में सोलन और हमीरपुर जिलों में बादल फटने और शिमला, मंडी और कुल्लू में भारी बारिश के चलते दो लोगों की मौत हुई है, एक दर्जन से अधिक वाहन बह गए हैं और 78 लाख से अधिक की संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।
भूस्खलन और पेड़ गिरने से दो नेशनल हाईवे समेत 126 मार्गों पर यातायात ठप हो गया है। 141 ट्रांसफॉर्मर को नुकसान पहुंचने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। उत्तराखंड में आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है और तीन घायल हुए हैं। केदार घाटी को बंद कर दिया गया है और केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है। चार धाम यात्रियों से भी बेहद सावधानी बरतने की अपील की गई है।
हिमाचल के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के मुताबिक, हमीरपुर और शिमला जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। बादल फटने से हमीरपुर जिले के खेरी क्षेत्र में चार घरों में पानी घुस गया और एक पंचायत भवन को भी नुकसान हुआ। सोलन जिले के बादल फटने से 35 बकरियां बह गईं। मंडी में माता शिकारी देवी के दर्शन के लिए गए 200 से ज्यादा श्रद्धालु भी रास्ता बंद होने से रातभर मंदिर में ही फंसे रहे, सुबह उन्हें निकाला गया।
ऑरेंज व यलो अलर्ट
प्रदेश में मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने सोमवार को ऑरेंज और मंगलवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मंडी में बीते 24 घंटे में 64.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश के साथ तेज आंधी के चलते कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। सीएम धामी आपदा प्रबंधन कार्यालय पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को अचानक सचिवालय स्थित राज्य आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष पहुंच गए और बारिश के कारण राज्य में पैदा हुई स्थिति की जानकारी ली।