नाटक के जरिये दिखाई दफ्तर की राजनीति
दि प्लेटफॉर्म संस्था की वर्षगांठ पर हुआ नाटक का मंचन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के गेयटी थियेटर में शनिवार को हम नहीं सुधरेंगे नाटक का मंचन हुआ। इसमें एक सरकारी दफ्तर में होने वाली गतिविधियों से पैदा हुई स्थितियों को हास्य के रूप में दर्शकों के समक्ष रखा गया।
यह नाटक श्रीनिवास जोशी द्वारा रचित कहानी छठा मेज पर आधारित है। कहानी का नाट्य रूपांतरण नाटककार अजय शर्मा ने किया। इसमें दिखाया गया कि बलबीर सिंह खेड़ा जोकि दफ्तर में सीनियर अधीक्षक हैं अपने कर्मचारियों को आदेश देते हैं लेकिन हमेशा इसमें कोई न कोई कमी रह जाती है। इसमें सीनियर क्लर्क कमलकांत और रमेश धांटा की हास्य से भरपूर बहसबाजी देखने को मिलती है। दामोदर जूनियर टाइपिस्ट हैं। लंबे समय से ऑफिस में चपरासी की सेवाएं दे रहे रामदास भी अपनी वरिष्ठता का रौब झाड़ता हुआ दिखाई देता है। स्वप्नलोक सुंदरी के रूप में नीलम का किरदार भी दमदार है। दि प्लेटफॉर्म संस्था की 15वीं वर्षगांठ पर इस नाटक का मंचन किया गया। इसमें भाषा एवं संस्कृति विभाग और भाषा, कला एवं संस्कृति अकादमी ने सहयोग किया। नाटक में अभिषेक कौशल, नीरज पराशर, मोहित ठाकुर, रोहित कौशल, योगराज, अशोक मेहता, तनुप्रिया भारद्वाज, अभिषेक मेहता और जतिन दीक्षित ने अभिनय किया।