यह है मामला
ठियोग तहसील में टैंकरों से पानी देने के नाम पर करीब 1.13 करोड़ रुपये का गड़बड़झाला हुआ है। ठियोग उपमंडल में पिछले वर्ष फरवरी से जून माह के दौरान सूखे के चलते पानी की आपूर्ति टैंकरों से करने का काम ठेके पर दिया गया। आरोप है कि कई जगह पानी की आपूर्ति ही नहीं हुई और भुगतान कर दिया गया। आरोप यह भी है कि पेयजल आपूर्ति करने वाले टैंकरों के जो नंबर दिए गए, उनमें कई मोटरसाइकिल और अफसर की कार के भी हैं।
कोटजो बिल उनके पास आए थे, उन्हें अपने कार्यालय और जल शक्ति विभाग के इंजीनियरों से वेरिफाई किया गया। वह खुद तो फील्ड में नहीं जा सकते। हर साल करोड़ों की पेमेंट की जाती है।-मुकेश शर्मा, एसडीएम ठियोग
ठियोग पहुंचीं विजिलेंस की तीन टीमें, टैंकों की भंडारण क्षमता जांची
ठियोग तहसील में हुए पानी के गड़बड़झाले मामले की विस्तृत जांच तेज हो गई है। शनिवार को विजिलेंस की तीन टीमें ठियोग पहुंचीं। एक टीम उन क्षेत्रों में गई, जहां पानी की सप्लाई की गई। दूसरी टीम ने उस क्षेत्र का दौरा, जहां से पानी उठाया गया और तीसरी टीम ठियोग में दस्तावेज खंगालती रही। शनिवार को एक टीम ने पानी के टैंकों की भी जांच की। यह भी देखा गया कि टैंक की भंडारण क्षमता कितनी है। विजिलेंस की तीनों टीमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरवीर सिंह राठौर की अगुवाई में सरोग और नंगल देवी के इलाकों में पहुंचीं।
अधिकारियों ने लोगों से भी बातचीत की। कुछ ग्रामीणों ने टैंकरों से पानी की सप्लाई होने की बात कही, लेकिन क्षेत्र में कितने पानी के टेंडर पहुंचे, इस पर किसी के पास जवाब नहीं था। टैंकर चालकों के फोन से जीपीएस लोकेशन का पता लगाया जा रहा है। एक टीम ने नगर परिषद ठियोग के वार्डों में टैंकर वितरण के लिए विभागीय कर्मचारियों से पूछताछ की। टीम ने विभागीय कर्मचारियों की निशानदेही पर वार्डों में जाकर मौके का निरीक्षण किया। मतियाना क्षेत्र से भी साक्ष्य जुटाए गए। शनिवार को विजिलेंस की की ओर टीम ने कोटी क्षेत्र के कई इलाकों का दौरा किया। इस दौरान टीम ने गलू और देशु मंदिर स्थित टैंकों का जायजा लिया।