सूबे के बारह हजार से ज्यादा सरकारी प्राइमरी और मिडल स्कूलों में वाटर प्यूरीफायर लगाने की तैयारी है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने विद्यार्थियों को साफ पानी मुहैया करवाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है। सभी स्कूलों से डिमांड भी मांग ली गई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सरकार से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।
बता दें कि योजना के तहत सभी स्कूलों में वाटर टैंक भी बनाए जाएंगे। बच्चों को जलजनित रोगों से दूर रखने के लिए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। आरटीई शुरू होने से पूर्व स्कूलों में एकत्र होने वाली फीस के फंड को इस योजना के तहत खर्च किया जाएगा। इस फंड के अलावा सरकार से भी बजट मांगा जाएगा।
सरकार अगर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो अगले शैक्षणिक सत्र में लाखों स्कूली बच्चों को पीने का साफ पानी नसीब हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई जिला उपनिदेशकों की बैठक में वाटर प्यूरीफायर लगाने का फैसला लिया गया था। सूबे में 10,710 प्राइमरी जबकि 2,130 मिडल स्कूल हैं।