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राजधानी में पेयजल संकट पर घिरी सरकार

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भाजपा के पूर्व पार्षद ने साधा निशाना, वरिष्ठ मंत्रियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चुनावी साल में राजधानी में गहराए जलसंकट पर अब पेयजल कंपनी के बाद सरकार पर भी सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस के बाद अब भाजपा के नुमाइंदों ने सोशल मीडिया पर खुलेआम शहर में गहराए जलसंकट के लिए सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों को जिम्मेदार ठहरा दिया है।
दो बार के भाजपा पार्षद रहे संजीव ठाकुर ने शिमला में गहराए जलसंकट पर स्थानीय विधायक एवं शहरी विकास मंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। कहा कि राजधानी की जनता पहली बार बरसात में ऐसा जलसंकट देख रही है। इनके वार्ड के कुफ्टाधार इलाके में चौथे और पांचवें दिन पानी आ रहा है। पेयजल कंपनी से टैंकर के जरिये सप्लाई देने की मांग की थी लेकिन कंपनी ने टैंकर तक नहीं भेजे। ऐसे में अब हालात ऐसे बन गए हैं कि कंपनी दफ्तर के बाहर धरना देना पड़ेगा। भाजपा से पूर्व मनोनीत पार्षद संजीव सूद ने जलशक्ति मंत्री को निशाने पर लिया है।
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सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए संजीव सूद ने आरोप लगाए कि विभाग और कंपनी की मनमानी के चलते शिमला शहर की जनता पानी के लिए तरस रही है। शहर में पानी की व्यवस्था बेहतर हो, इसके लिए कंपनी में सहायक अभियंता की तैनाती की थी लेकिन इसे सीवरेज व्यवस्था संभालने के काम में लगा दिया। कहा कि चुनावी साल में जलसंकट महंगा पड़ सकता है। बिजली कट के लिए पूर्व पार्षद ने बिजली बोर्ड के अधिकारियों पर भी सवाल उठाए।
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गाद, बिजली कट से घटी सप्लाई : मंत्री
राजधानी में गहराए पेयजल संकट पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि गाद और बिजली कट के चलते सप्लाई घटी है। कंपनी को निर्देश दिए हैं कि पंपिंग बढ़ाई जाए और शहर में नियमित सप्लाई दी जाए। बिजली बोर्ड को भी व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है। शहर में जल्द पेयजल सप्लाई सामान्य होगी। जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर से भी संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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