राजधानी शिमला के हजारों लोग सालभर पेयजल किल्लत झेलते हैं। गर्मियों और बरसात में यहां दिक्कत अधिक रहती है। सर्दियों में पाइपें जमने से लोग परेशान होते हैं। आलम यह है कि इन तमाम दिक्कतों के बावजूद नगर निगम की पाइपों से हर रोज हजारों लीटर पानी बर्बाद बहता है। इन्हें दुरुस्त करवाने तक की जहमत नहीं उठा जाती।
विकासनगर से ब्राकहास्ट जाने वाली सड़क के पास बने रेन शेल्टर के पीछे दो वर्षों से निगम की पाइप लीक हो रही है। सुबह-शाम पानी की सप्लाई के समय लीकेज होने से हजारों लीटर पानी व्यर्थ में बह रहा है। रेन शेल्टर भी पानी से भर जाता है। शेल्टर के सामने की जगह दलदल में तबदील हो गई है। लोग रेन शेल्टर में खड़े नहीं हो पाते। लंबे समय से हो रही पानी की लीकेज को ठीक करने की जहमत कोई नहीं उठा रहा।