प्रदेश के हजारों जल रक्षकों में बीते कई साल से स्थायी नीति न बनने से रोष है। जल रक्षक 15 मार्च को इस मांग को लेकर विधानसभा का घेराव करेंगे। जयराम सरकार के बजट में जल रक्षकों के लिए कोई घोषणा न होने से संघ में रोष का माहौल है।
जल रक्षक यूनियन रामपुर के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने प्रेस बयान में बताया कि प्रदेश के लगभग 6300 जल रक्षकों को जयराम ठाकुर के मुख्यमंत्री बनने से काफी उम्मीदें थीं। बीते 12 वर्षों से बिना अवकाश सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं देने वाले जल रक्षकों के लिए स्थायी नीति नहीं बन पाई है।
पूर्व सरकार ने जल रक्षकों को 2500 रुपये मासिक मानदेय देने का एलान किया था और आरएंडपी रूल्स लागू करने को कहा था। ऐसे में मानदेय बढ़ाने के बजाय वर्तमान सरकार इसे घटा रही है। इसी मांग को लेकर जल रक्षक 15 मार्च को प्रदेश विधानसभा का घेराव करेंगे।
रामपुर यूनियन के राजकुमार, राजेंद्र सिंह, रूप सिंह, मुकुंद लाल, जोबन दास, संदीप, रमेश चंद, कपिल, धर्मपाल, राजकमल, नरेश, यशवंत सिंह, हरबंस कुमार, अनिल कुमार, सिंघीराम, लायक राम, पवन, नंद लाल, देविंद्र सिंह और अन्य सदस्यों ने सरकार से स्थायी नीति बनाने की मांग की है।