राज्य स्तरीय जलवाहक कम सेवादार कर्मचारी महासंघ शिक्षा विभाग ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजिंद्र कुमार ने चार सितंबर तक जलवाहकों को नियमित नहीं किए जाने की स्थिति में अनशन पर बैठने का फैसला लिया है।
उन्होंने कहा कि 14 वर्ष नौकरी करने के बाद भी 31 मार्च 2017 तक नियमितीकरण नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि कई सालों से जलवाहक स्वास्थ्य, पशुपालन, आईपीएच, बागवानी विभाग में सेवाएं दे रहे हैं।
विभागीय अफसर अनदेखी करते हुए उन्हें नियमित नहीं कर रहे हैं। नियमित करने की मांग को लेकर शिमला, चंबा, सिरमौर, कुल्लू और मंडी जिला के करीब 1200 जलवाहक शिमला के चक्कर काटने को विवश हैं।
अध्यक्ष गजिंद्र कुमार ने कहा कि 14 वर्ष पूरे कर चुके जलवाहकों को नियमित किया जाए। जिन जलवाहकों की शिक्षा आठवीं से कम है, उन्हें एक बार छूट देकर नियमित किया जाए। जिन जलवाहकों को 1900 रुपये दिए जा रहे हैं, उन्हें 3500 रुपये दिए जाएं।