इसे आपदा में अवसर कहें या फिर कमाई का मौका। कुल्लू जिले में बाढ़ के बाद हालात अभी सामान्य नहीं हुए हैं। लोगों के पास पीने के लिए पानी नहीं है। पानी की बूंद-बूंद के लिए लोगों को तरसना पड़ रहा है। पर्यटक पानी की बोतलें लेकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। पानी की बोतलों की बिक्री से दुकानदारों की खूब कमाई हो रही है। दुकानदारों के पास स्टॉक एक दिन में ही खत्म हो रहा है। दूसरी ओर कुल्लू शहर में अभी भी बिजी आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। इसको देखते हुए मोमबत्तियों की मांग भी काफी बढ़ गई है। लोग मोमबत्तियां धड़ाधड़ खरीद रहे हैं। 20 रुपये से 50 रुपये तक बड़ी मोमबत्ती शहर में बिक रही है।
बताया जा रहा है कि दुकानदारों ने दिवाली का स्टॉक निकाल दिया है। जल शक्ति विभाग ने मंगलवार को 3 दिन बाद जब शहर में टैंकर से पानी लाया तो लोग बाल्टियां लेकर पहुंच गए। लोगों ने बाल्टियों में पानी टैंकर से भरकर अपने घर खाना बनाने के लिए पहुंचाया। जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता अंकित बिष्ट ने कहा कि पानी की किल्लत को दूर करने के लिए टैंकर से लोगों को पानी दिया गया है। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद बाधित हुई पेयजल लाइनों को दुरुस्त किया जा रहा है। जल्द ही शहर के लिए पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
एटीएम से रुपये निकालने के लिए लगीं लाइनें
जिला मुख्यालय कुल्लू में मंगलवार को लोगों की एटीएम के बाहर लाइनें लगी रहीं। लोग सुबह ही एटीएम पर रुपये निकालने के लिए पहुंचे। तीन दिन बाद मौसम होते ही लोगों ने शहर का रुख किया और जरूरत के सामान की खरीदारी भी की। जिला मुख्यालय ढालपुर में करीब दो किलोमीटर के दायरे में विभिन्न बैंकों के 10 से 12 एटीएम हैं। इन सभी में लोगों की भीड़ देखने को मिली। वहीं, कुछ एटीएम से रुपये निकले तो कुछ में सर्वर डाउन रहा। एटीएम से रुपये न निकलने के कारण कुछ लोग परेशान रहे और एक से दूसरे एटीएम की दौड़ लगाते रहे। एटीएम से रुपये निकालने पहुंचे श्याम लाल, मोहित, राहुल, अनुरुद्ध, अभिमन्यु, शिवांश, अतुल, मोहिनी, शंकुतला, महिमा गौतम, तमन्ना ने कहा कि मौसम साफ होते उन्होंने सबसे पहले जरूरत का सामान खरीदना उचित समझा, लेकिन आधा दिन एटीएम से रुपये निकालने में ही निकल गया। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से लोग कई घंटों का पैदल सफर कर जरूरत का सामान लेने कुल्लू शहर पहुंचे हैं।