दिल्ली में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर हिमाचल विधानसभा में भी विपक्षी दल कांग्रेस ने खूब हंगामा किया। कांग्रेस ने घटनाक्रम को साजिश बताते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया, वहीं सत्ता पक्ष ने इस कार्रवाई को सराहा और दोषियों को नहीं बख्शने की बात की। सदन में दोनों पक्षों की ओर से करीब 10 मिनट तक एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी होती रही। इसके बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
सदन में विपक्ष की गैर मौजूदगी में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी सरकार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। पी चिदंबरम का मामला अभी का नहीं है। यह एक साल से चल रहा है। यह एक करोड़ का नहीं, बल्कि 305 करोड़ रुपये का मामला है। इस मामले में छानबीन की गई है। हाईकोर्ट से भी चिदंबरम को इस मामले में जमानत नहीं मिली।
यही नहीं, उन्हें सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। ऐसे में सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया है। कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने विपक्ष की ओर से वॉकआउट की निंदा की। उधर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सीबीआई और ईडी का दुरुपयोग कर रही है।
केंद्रीय नेताओं के इशारे पर जांच एजेंसियां काम कर रही हैं। रंजिश के तहत कांग्रेस नेताओं को फंसाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया। कांग्रेस पार्टी इस मामले में अपना आंदोलन जारी रखेगी।