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Himachal: वीरेंद्र कुमार बोले- सीबीएसई शिक्षक नियुक्ति में बदलाव हुआ तो जाएंगे न्यायालय

Mon, 08 Jun 2026 07:28 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

पुरस्कृत शिक्षक मंच ने सीबीएसई स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में संभावित बदलावों की निंदा की है। मंच ने इन बदलावों को राजनीतिकरण और अन्यायपूर्ण करार दिया है। मं
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पुरस्कृत शिक्षक मंच हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार। - फोटो : अमर उजाला
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 हिमाचल प्रदेश पुरस्कृत शिक्षक मंच ने सीबीएसई स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में संभावित बदलावों की निंदा की है। मंच ने इन बदलावों को राजनीतिकरण और अन्यायपूर्ण करार दिया है। मंच ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस प्रक्रिया में फेरबदल किया तो वे न्यायालय का रुख करेंगे। पुरस्कृत शिक्षक मंच हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने कहा कि सीबीएसई शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी बनाया गया था। इसका राजनीतिकरण करना सरासर गलत और अन्याय संगत है।

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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार कुछ अवसरवादी लोगों के स्वार्थ के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव करती है, तो यह जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाने वाला अक्षम्य अपराध होगा। उन्होंने कहा कि मुट्ठीभर लोगों की वजह से प्रदेश के 78,000 शिक्षक इस निर्णय के विरुद्ध हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय और राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों ने भी चयन परीक्षा में भाग लेकर मेरिट हासिल की है। ऐसे में अंतिम चरण में प्रक्रिया का राजनीतिकरण इसे पूरी तरह विफल कर देगा। मंच ने शिक्षा सचिव की ओर से बनाई गई चयन प्रक्रिया की प्रशंसा की है। सरकार से इसमें किसी भी तरह का फेरबदल न करने का निवेदन किया गया है।

मंच ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में मौलिक व्यवस्था के अनुसार मेरिट के आधार पर ही शिक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए। वीरेंद्र कुमार ने कहा कि वर्तमान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई थी। इसे राजनीतिक हस्तक्षेप से बचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि योग्य शिक्षकों का चयन मेरिट के आधार पर ही होना चाहिए। पुरस्कृत शिक्षक मंच ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया में कोई बदलाव किया। तो मंच मजबूरन न्यायालय की शरण में जाएगा। वीरेंद्र कुमार ने सरकार से इस गंभीर मुद्दे पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जा सकता।

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