कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस की 55 साल में ऐसी हार नहीं देखी। भाजपा की प्रचंड जीत शक के दायरे में है, इसलिए यह शोध का विषय है। ऐसी हार की तो उन्होंने कभी कल्पना तक नहीं की थी।
लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार पर प्रदेश और केंद्र के प्रत्येक नेता को मंथन करना जरूरी है। भाजपा नेताओं में इस जीत से घमंड पैदा होगा और कांग्रेस आने वाले चुनावों में सशक्त होगी। कांग्रेस फिर भाजपा का कड़ा मुकाबला करने को तैयार होगी।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू को एक साल पहले हटा देते तो पार्टी की ऐसी हार नहीं होती। वीरभद्र सिंह ने गुरुवार को लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की चारों सीटों में करारी हार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते कहा कि रोहड़ू, अर्की और रामपुर में चुनाव प्रचार के दौरान आयोजित रैलियों में भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
इसके बाद भी कांग्रेस की हार होना दुखद है। मोदी की यह जीत आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं की वजह से हुई है। इसमें मुख्यमंत्री जयराम का कोई योगदान नहीं है। मुख्यमंत्री तो अपने विधानसभा क्षेत्र से बाहर नहीं निकल पाए थे।