प्रश्न : विधानसभा के शीत सत्र में जयराम सरकार के खिलाफ विपक्ष का क्या रुख रहेगा।
उत्तर : विस सत्र में कांग्रेस का रवैया हमेशा सकारात्मक रहा है। 10 महीने के अल्प कार्यकाल के तौर पर जयराम सरकार की सफलता और असफलता का आकलन करना सही नहीं होगा। जयराम काफी संघर्ष से सीएम बने हैं। शीत सत्र में नए मुख्यमंत्री को पूरा मौका दिया जाएगा। वैसे भी नए मुख्यमंत्री अपने ही मंत्रियों की अति महत्वाकांक्षा के कारण मुश्किल में हैं। उनके मंत्री आपस में लड़ रहे हैं। इसलिए, सीएम अपनी पार्टी के अंदर ज्यादा कंफरटेबल नहीं हैं। कई वरिष्ठ लोग उनके पांव खींचने का काम करते रहते हैं।
प्रश्न : आईएएस अधिकारी पी मित्रा के मामले की विजिलेंस जांच में देरी हो रही है, क्या कहेंगे।
उत्तर : पी मित्रा अच्छे अफसर हैं। वह मेरे मुख्य सचिव भी रह चुके हैं। दरअसल, यह अफसरों के बीच लड़ाई का मामला है। पी मित्रा की कुर्सी एक अफसर हथियाना चाहता है, इसलिए यह सारा घटनाक्रम हो रहा है।
प्रश्न : एचपीसीए मामले में सुप्रीमकोर्ट का फैसला आपके पक्ष में नहीं आया। इस पर क्या कहेंगे।
उत्तर : सुप्रीमकोर्ट से पहले हमें इंसाफ नहीं मिला था। पुनर्विचार याचिका में इंसाफ मिला है। मैं क्रिकेट के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन एचपीसीए स्टेडियम के लिए आधी रात को डिग्री कॉलेज का भवन गिराया गया। यह काम तो दिन की रोशनी में भी हो सकता था।