हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जुड़े पांच करोड़ रुपये के मनी लांड्रिंग मामले में ईडी ने चार्जशीट के साथ पेश दस्तावेज बचाव पक्ष को दे दिए हैं। बचाव पक्ष ने इनके निरीक्षण के लिए मोहलत मांगी है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए दो फरवरी की तारीख तय की है।
अदालत ने आरोपी बीमा एजेंट आनंद सिंह चौहान की न्यायिक हिरासत भी दो फरवरी तक बढ़ा दी है। प्रवर्तन निदेशालय ने चौहान को चंडीगढ़ से आठ जुलाई 2016 को गिरफ्तार किया था। चौहान की जमानत याचिका हाईकोर्ट में लंबित है।
इस पर फैसला आने के बाद आरोपों पर बहस शुरू होगी। पटियाला हाउस कोर्ट स्थित विशेष सीबीआई जज विनोद कुमार के समक्ष प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि आरोपी को चार्जशीट के साथ पेश सभी दस्तावेज दे दिए गए हैं।
बचाव पक्ष ने कहा कि इन दस्तावेज के निरीक्षण के लिए उसे थोड़ी मोहलत चाहिए। बता दें कि चौहान पर वीरभद्र सिंह के पांच करोड़ रुपये जीवन बीमा में निवेश करवाने का आरोप है।
अदालत ने ईडी की चार्जशीट पर सात सितंबर 2016 को संज्ञान लेते हुए कहा था कि उसे इस मामले की सुनवाई का पूरा अधिकार है। एजेंसी ने तीन हजार पन्नों की चार्जशीट मनी लॉंड्रिंग प्रीवेंशन एक्ट (पीएमएलए) के तहत दाखिल की थी।