हिमाचल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार के दौरान विरोधाभासी बयान देने के मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह घिर सकते हैं। चुनाव के दौरान ठियोग में पार्टी प्रत्याशी दीपक राठौर के प्रचार में पहुंचे मुख्यमंत्री का भाषण अब विवादों में आ गया है। अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने प्रत्याशी की जीत की गारंटी नहीं लेने की बात कही थी।
इसे अब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक ने हाईकमान को भेज दिया है। दीपक राठौर हाईकमान के पसंदीदा प्रत्याशी बताए जाते हैं, जबकि मुख्यमंत्री ठियोग से अन्य प्रत्याशी को टिकट देने के पक्ष में थे। शिमला जिले की ठियोग सीट पर कांग्रेस के टिकट आवंटन पर हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ था।
मौजूदा विधायक एवं मंत्री विद्या स्टोक्स के चुनाव नहीं लड़ने के एलान पर पहले मुख्यमंत्री वीरभद्र ने यहां से चुनाव लड़ने का वादा किया। फिर मुख्यमंत्री के लिए अर्की सीट फाइनल हुई तो ठियोग से प्रत्याशी पर सस्पेंस बन गया। मुख्यमंत्री यहां से विजयपाल खाची को उतारना चाहते थे, लेकिन हाईकमान ने प्रत्याशियों की दूसरी सूची में दीपक राठौर को टिकट थमा दिया। दीपक के प्रत्याशी घोषित होने से स्टोक्स भी नाराज हो गईं।