6 अगस्त से शुरू हो रहा हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र राज्य सरकार की परीक्षा लेगा। एक ओर सत्र के पहले ही दिन दिल्ली हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जुड़े केस की सुनवाई है, वहीं दूसरी ओर सरकार के कैबिनेट मंत्री पिछले कई दिनों से एक दूसरे को निशाना बनाते हुए दिख रहे हैं।
सत्र में सबसे ज्यादा 16 बैठकें हैं और 27 विधायकों वाले विपक्ष से सामना भी पहली बार है। भाजपा ने इस बार दोहरा जाल बुना है। एक ओर सदन के भीतर सरकार को घेरने के लिए चार मुद्दे तय किए हैं, वहीं इन मुद्दों के अध्ययन के लिए महेंद्र सिंह, सुरेश भारद्वाज और जयराम ठाकुर जैसे वरिष्ठ विधायकों की कमेटी बनाई है।
मुद्दे हैं-रूसा, धारा 118, निजी विवि में कांग्रेस विधायकों की नियुक्ति और उद्योगों को दिए जा रहे फायदों की हकीकत। दूसरी रणनीति कैडर को आंदोलन के लिए तैयार करने की है।