फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्लेशियर में दबा था शव, छह माह बाद शहीद शम्मी को अंतिम विदाई

Fri, 15 Jun 2018 02:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इंदौरा/राजा का तालाब (कांगड़ा)
विज्ञापन
विज्ञापन

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के इंदौरा के मकड़ौली गांव का माहौल उस समय गमगीन हो गया जब शहीद शम्मी पठानिया (25) का शव पैतृक गांव में पहुंचा। शम्मी दिसंबर 2012 में 20 डोगरा रेजिमेंट में भर्ती हुए।

विज्ञापन


वह श्रीनगर के नया गांव में तैनात थे। उन्हें 17 दिसंबर 2017 को छुट्टी पर घर आना था, लेकिन 11 दिसंबर को गश्त के दौरान आए बर्फीले तूफान में शम्मी और उनका एक साथी जवान लापता हो गए थे।

एक जवान का शव तो कुछ दिन बाद मिल गया था, लेकिन शम्मी पठानिया को कोई पता नहीं लगा। इस बारे में शम्मी के परिजनों को 13 दिसंबर को सूचना दे दी गई थी। छह महीने बाद बर्फ पिघलने के बाद सेना ने सर्च अभियान चलाया। घटनास्थल पर शम्मी का शव बरामद किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

दो बहनों का अकेला भाई

शम्मी पठानिया दो बहनों का अकेला भाई था। परिवार में दादी, माता-पिता हैं। वीरवार को शव घर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। शाम को दूरदराज के इलाकों से सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी।

प्रशासन की ओर से एसडीएम इंदौरा गौरव महाजन, अतिरिक्त थाना प्रभारी इंदौरा मोहिंदर शर्मा अपनी टुकड़ी के साथ पहुंचे। इंदौरा की विधायक रीता धीमान, गगरेट से विधायक राजेश ठाकुर, शाम लाल धीमान, अश्विनी शर्मा और अनीत कटोच भी मौजूद रहे। 9 एफओडी कमांडेंट पारितोष उपाध्याय ने जवानों के साथ शहीद को सैन्य सम्मान के साथ सलामी दी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें