युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कौशल विकास पर नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल गलत जानकारी दे रहे हैं। धूमल वरिष्ठ नेता हैं, मगर उन्हें इस तरह की बात नहीं करनी चाहिए।
कौशल विकास भत्ता कुछ और योजना है, जबकि कौशल विकास निगम का कामकाज अलग है। वह सोमवार को राजीव भवन शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
कहा कि कौशल विकास निगम भारत सरकार के ग्रामीण विकास, शहरी विकास और वित्त विभाग के सहयोग से अपना काम करेगा, जबकि कौशल विकास भत्ता योजना श्रम विभाग की एकदम अलग है।
यह कहना गलत है कि युवाओं को छला जा रहा है। निगम आने वाले पांच साल में 65 हजार युवाओं को स्वावलंबी बनाने की बुनियाद बना चुका है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती, भाजपा नेता रणधीर शर्मा और सुरेश भारद्वाज इन दिनों चार्जशीट बनाने में लगे हैं। हर साल एक नई चार्जशीट बनाई जाती है। इनके पास कोई मुद्दा नहीं होता है।
नोटबंदी पर विक्र्रमादित्य ने फिर दोहराया कि वे भी सीएम, पार्टी अध्यक्ष की तरह इस फैसले को सैद्धांतिक तौर पर अच्छा मानते हैं, मगर इसे लागू करने से पहले वित्त मंत्रालय ने पूरी तैयारी नहीं की। राज्यपाल से खेल विधेयक पर जल्द फैसला लेने की मांग की है।
कांगड़ा से ‘युवा कांग्रेस, आपके द्वार’ का दूसरा चरण
विक्रमादित्य बोले, ‘युवा कांग्र्रेस, आपके द्वार’ कार्यक्रम का दूसरा चरण कांगड़ा से शुरू होगा। ऊना जिले में पहले चरण की सफलता के बाद अब इसे कांगड़ा से शुरू किया जाएगा। वे कार्यकर्ताओं के साथ हर विस क्षेत्र में जाएंगे। वहां सरकारी कामकाज का फीडबैक लेंगे।
जहां कमियां हैं, उन्हें पार्टी अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू और सीएम वीरभद्र सिंह के सामने रखेंगे। पार्टी कार्यालय के एक हिस्से और जिला कार्यालयों को लीज पर देने के मामले में बोले, पार्टी की आमदनी बढ़ाने को यह गलत फैसला नहीं है।
सरकार के चार साल पूरा होने पर मंडी रैली में आएंगे राहुल
विक्रमादित्य ने कहा कि सरकार के चार साल पूरा होने पर 25 दिसंबर को कांग्रेस की रैली धर्मशाला की बजाय मंडी के पड्डल मैदान में होगी। संभावना है कि इसमें राहुल गांधी आएंगे। युकां ने सुझाव दिया कि मंडी में यह कार्यक्रम एक दिन की बजाय अधिक दिन होना चाहिए।
पार्टी तय करेगी विधानसभा चुनाव कहां से लड़ूंगा
विक्रमादित्य ने कहा कि वे चुनाव लड़ेंगे कि नहीं या कहां से लड़ेंगे, यह पार्टी ही तय करेगी। दोहराया कि टिकट देने के लिए कोटा सिस्टम नहीं अपनाना चाहिए। उम्मीदवारों के जीतने की स्थिति का सही आकलन होना चाहिए।