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घटिया बयानबाजी से पहले हैसियत देखें अरुण धूमल: विक्रमादित्य

Tue, 21 Feb 2017 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने अरुण धूमल पर पलटवार किया है। वीरभद्र सिंह को तिहाड़ भेजने के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि अरुण धूमल को एक बार यह विचार अवश्य कर लेना चाहिए था कि वे किस हैसियत से और किस हस्ती के विरुद्ध ऐसी घटिया बयानबाजी कर रहे हैं। इससे प्रदेश की तमाम युवा शक्ति नाराज है और इसकी निंदा करती है।
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उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि वह अपने आप को देश की न्यायपालिका से भी ऊपर समझते हैं और स्वयं जज बनकर न्यायिक निर्णय लेने लग पड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में वीरभद्र सिंह सातवीं बार मुख्यमंत्री बनेंगे। कहा कि अरुण धूमल नेता प्रतिपक्ष के बेटे से ज्यादा और कुुछ भी नहीं है। अरुण कहीं न कहीं राजनीति में अपने प्रवेश को लेकर न केवल चिंतित है, बल्कि तिलमिला गए हैं। ऐसे में हताशा में अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। 

उन्होंने अरुण धूमल को स्मरण करवाते हुए कहा कि वर्ष 2012 के चुनाव के दौरान भी उन्होंने इस प्रकार की बेहूदा बयानबाजी कर भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकने में अपना योगदान दिया था। यही नहीं, अनुराग ठाकुर भी राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं और राज्य भाजपा में दूसरे नेताओं के बढ़ते हस्तक्षेप से उनका भी बाहर होना निश्चित है। वे झूठे हलफनामे पर न्यायालय से बिना शर्त माफी भी मांग चुके हैं, अन्यथा उनका जेल जाना तो तय था। 
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अनुराग के सताए अरुण खीझ मिटाने को कस रहे तंज: राणा
युवा कांग्रेस के हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के अध्यक्ष रणवीर राणा ने कहा है कि बड़े भाई अनुराग ठाकुर के सताए अरुण अपनी खीज मिटाने के लिए ही तंज कसते हैं। अनुराग ठाकुर कतई नहीं चाहते कि उनके छोटे भाई अरुण धूमल की कोई पहचान बन पाए, इसलिए ही वह उन्हें कोई पद नहीं लेने दे रहे हैं। 

रणवीर ने कहा कि बेहद पुख्ता जानकारी बताती है कि अरुण धूमल एचपीसीए के अध्यक्ष पद को लेकर अडे़ हुए हैं, पर अनुराग उन्हें किसी कीमत पर यह पद नहीं देना चाहते। उन्हें लगता है कि कहीं अरुण उनसे आगे न निकल जाएं। इसी के चलते अरुण अपनी टीस

मिटाने के लिए सीएम वीरभद्र्र सिंह और उनके परिजनों पर निशाना साधना शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि अनुराग की जिद के चलते अरुण की मनोदशा भी दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है, क्योंकि उन्हें बीजेपी के भीतर भी कोई पद नहीं मिल पा रहा। राणा ने कहा कि अरुण को अब तो यह भी पता नहीं चल पा रहा है कि वह बोल क्या रहे हैं।
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