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Shimla News: गुम्मा से गायब करोड़ों के कबाड़ पर हो सकती है विजिलेंस जांच

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नगर निगम की मासिक बैठक में आज पेश होगी जांच रिपोर्ट, गुम्मा पेयजल योजना से कांसे और तांबे का 30 क्विंटल कबाड़ हुआ है गायब
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सदन में पार्षद कंपनी को घेरने के लिए तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। गुम्मा परियोजना से तांबे और कांसे का 30 क्विंटल कबाड़ (स्क्रैप) गायब होने के मामले में पेयजल कंपनी के खिलाफ विजिलेंस जांच बिठाने पर फैसला हो सकता है। यह कबाड़ करोड़ों रुपयेे का बताया जा रहा है।
महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली नगर निगम की मासिक बैठक में इस मामले की जांच रिपोर्ट पेश होगी।पिछले सदन में निगम ने इसकी रिपोर्ट तलब की थी। जांच कमेटी में शामिल पार्षद पहले ही इस मामले में चोरी की जगह बड़े घोटाले का अंदेशा जता चुके हैं। कंपनी का कहना है कि गुम्मा में स्टोर की खिड़की तोड़कर 30 क्विंटल स्क्रैप चोरी हुआ था। लेकिन मौके पर गए पार्षदों का कहना है कि खिड़की से इतना भारी भरकम सामान गायब होना संभव नहीं है। दूसरा कंपनी का दावा है कि चोरी किया गया सामान बोरों में भरा था। यह बात भी पार्षदों के गले नहीं उतर रही। भला कंपनी ने यह सामान बोरों में क्यों भरा था। इसके अलावा जिस रात यह चोरी हुई, उस दौरान 19 कर्मचारी साथ लगते पंपिंग स्टेशन पर तैनात थे। इन्हें कैसे इसकी भनक नहीं लगी। मामले में मिलीभगत का अंदेशा है।
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चोरी हुआ स्क्रैप अंग्रेजों के समय में लगी मशीनरी का बताया जा रहा है। यह बेहद कीमती है और इसकी कीमत करोड़ों में हो सकती है। माकपा पार्षद एवं जांच कमेटी सदस्य वीरेंद्र ठाकुर ने इस परियोजना का पूरा रिकॉर्ड सदन में तलब कर दिया है। पार्षद ने पूछा है कि कब कब इस परियोजना में रखे स्क्रैप की नीलामी हुई है। परियोजना में अंग्रेजों के समय के चार पंप थे जिनमें से अब दो ही मौके पर मौजूद है। सदन में इस पूरे मामले में हंगामे के आसार है। पार्षद इस मामले की विजिलेंस जांच की मांग कर रहे हैं।
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लिफ्ट ब्रिज पर भी हंगामे के आसार
लिफ्ट के पास ब्रिज न बनने पर भी भाजपा पार्षदों ने जवाब मांगा है। सदन में नए निर्माणकार्य शुरू करने, कारोबारियों के लिए ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य करने, सामुदायिक भवन समिट्री में स्वास्थ्य केंद्र खोलने, मेयर, डिप्टी मेयर समेत अफसरों के लिए नए वाहन खरीदने जैसे प्रस्तावों पर भी फैसला होगा।
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